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राज्य परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा रायपुर नें दिया विकास-खण्ड बिल्हा के बिजौर संकुल को प्राप्त अनुदान राशि में हुई गड़बड़ी के मामले में जाँच के आदेश…तीन सदस्यीय जाँच टीम गठित…URC वासुदेव पांडेय की उदासीनता उजागर…15 संकुलों में बढ़ी धुकधुकी!

समग्र अनुदान राशि में गड़बड़ी की शिकायत, तीन सदस्यीय जांच टीम गठित।
खबर खास छत्तीसगढ़ बिलासपुर। विकास-खंड बिल्हा और समन्वयक वासुदेव पांडेय यूआरसीसी शहरी स्रोत नेहरु नगर बिलासपुर अंतर्गत संचालित 15 संकुल में एक “बिंजौर” संकुल में राज्य परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा रायपुर द्वारा जारी अनुदान राशि का जिस तरह बेखौफ होकर दुरुपयोग किया गया उससे जिम्मेदार अधिकारी URCC वासुदेव पांडेय की उदासीनता तो उजागर हुई ही, साथ ही साथ शासन द्वारा कराए गए ऑडिट पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गया है।

रायपुर कार्यालय से 11 फरवरी 2026 को पत्र जारी किए जाने पर मामले की गंभीरता को लेकर कलेक्टर ने तीन सदस्यीय टीम गठित कर अलग से जांच के आदेश दिए है।

मालूम हो की राज्य परियोजना कार्यालय से प्राप्त अनुदान राशि के दुरुपयोग की शिकायत राजधानी रायपुर तक हुई थी जिसे खबर खास छत्तीसगढ़ ने प्रमुख्ता से उठाया था।
तीन सदस्यीय जाँच टीम बिजौर के तत्कालीन संकुल प्राचार्य और CAC मनोज सिंह ठाकुर के द्वारा किए गए गड़बड़ी की जांच कर 10 दिनों में रिपोर्ट कलेक्टर को सौंपेगी।
शिक्षा विभाग में वित्तीय अनियमितता का मामला सबसे पहले बिल्हा के बिजौर संकुल केंद्र से निकल कर बाहर आया था। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने मामले को संज्ञान लेते हुए तत्काल उच्चस्तरीय जांच के आदेश जारी किए थे।
11 फरवरी 2026 को प्राप्त पत्र के आधार पर वित्तीय गड़बड़ी की तह तक जाने के लिए गठित समिति में डा. मुकेश पाण्डेय प्राचार्य, सिलतरा,विकास खण्ड तखतपुर, अयाज अहमद जुन्जानी सहायक कार्यक्रम समन्वयक बिलासपुर और प्रशान्त शर्मा लेखापाल बीआरसी तखतपुर है।
टीम अब संकुल बिजौर के आय-व्यय, वाउचरों,केश बुक और बैंक स्टेटमेंट का सूक्ष्म परीक्षण करेगी ताकि यह पता चल सके कि समग्र द्वारा भेजी गई लाखों रुपए की अनुदान राशि आखिर गई कहाँ?
कलेक्टर के कड़े निर्देशों के तहत, जांच समिति को 10 दिनों के भीतर शिकायतकर्ताओं के दस बिंदुओं में की गई शिकायत पर अपनी रिपोर्ट सौंपनी होगी। मामले की शुरुआती शिकायतों में राशि के आहरण और उसके उपयोग में भारी विसंगतियां पाई गई हैं। जांच में भ्रष्टाचार की पुष्टि होती है, तो संबंधित अधिकारियों पर न केवल विभागीय गाज गिरेगी, बल्कि उनके विरुद्ध वैधानिक कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
राज्य परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा रायपुर से आए पत्र ने शहरी स्रोत कार्यालय अंतर्गत संचालित 15 संकुलों में एक संकुल में जारी समग्र अनुदान राशि के भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाने की खबरें मीडिया में प्रसारित होने और प्रामाणिक दस्तावेजों के साथ शिकायत पर राज्य परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा रायपुर द्वारा जारी पत्र दिनांक 11फरवरी 2026 के संदर्भ में की गई है। राज्य स्तर से मिली सीधी शिकायत ने स्पष्ट कर दिया है कि बिजौर संकुल में चल रहा खेल अब छिपने वाला नहीं है। इसी आधार पर जिला मिशन संचालक ने दोषियों की पहचान के लिए जांच शुरू कर दी हैं।










