भीषण गर्मी में “स्कूल बंद” किन्तु खुल रहे नौनिहालों के आंगनबाड़ी केंद्र, बच्चों के स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ने का कौन होगा जिम्मेदार?ग्यारह बजे अवकाश के समय चरम पर रहती है गर्मी व तपन।

बेलगहना से वरिष्ठ पत्रकार हनुमान अग्रवाल की रिपोर्ट।✍️

खबर खास छत्तीसगढ़ बिलासपुर/बेलगहना। भीषण गर्मी के बीच लू के थपेड़ो की आहट के चलते शासन प्रशासन ने बीस मई से विद्यालयों में अवकाश घोषित करते हुए विद्यार्थियों को तो राहत प्रदान करने की पहल की है किंतु वहीं दूसरी ओर आंगनबाड़ी केन्द्रो में नौनिहालो को बुलाया जा रहा है और ग्यारह बजे छुट्टी दी जा रही है। इस भीषण गर्मी में कोमल शरीर वाले मासूम बच्चों की क्या स्थिति होती होगी इसका सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है किंतु आश्चर्य की बात यह है कि महिला एवं बाल विकास विभाग का ध्यान मासूम जिंदगियों की ओर नहीं जा रहा है। विभाग के आदेश के परिपालन में गर्मी में भी आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हो रहे हैं जो कि नौनिहालों के साथ अन्याय है। विगत 16 अप्रैल को आंगनबाड़ी केंद्र केकराडीह में बच्चों को हुई उल्टी दस्त व बुखार की शिकायत को भी लू लग जाने से जोड़कर देखा गया था। इस घटना के बाद भी महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा ऐसे संवेदनशील मामले में उदासीनता बरतना उनकी लापरवाही को उजागर करता है।

इस संबंध में महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी सुरेश सिंह से पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा आदेश जारी किया जाता है हम प्रस्ताव बनाकर भेजेंगे। यहाँ यह बात गौरतलब है कि जब तक प्रस्ताव जाएगा और उस पर अमल होगा तब तक नौनिहालो को क्या इसी तरह कष्ट सहना पड़ेगा। आंगनवाड़ी केन्द्रो में दाखिल बच्चों के अभिभावकों ने इस संवेदनशील विषय पर गंभीर चिंता जाहिर करते हुए कलेक्टर बिलासपुर से बच्चों को राहत दिलाने की मांग की है।



