छत्तीसगढ़बिलासपुर

शिक्षा मंत्री जी,बिल्हा के बिजौर संकुल से एक और “घोटाला” उजागर…दुकान किराने की, बिल होटल का…फ़र्जी बिल से हो गया हजारों का भुगतान…अब तो लो संज्ञान!

खबर खास छत्तीसगढ़ बिलासपुर। जिले के बिल्हा विकास खण्ड अंतर्गत बिजौर संकुल केंद्र में समग्र शिक्षा सीआरसी अनुदान राशि से बड़े पैमाने पर सरकारी धन के दुरुपयोग और भ्रष्टाचार का चौकाने वाला मामला सामने आया है।

ये हम मनगढ़ंत आरोप नहीं लगा रहे,यह सूचना के अधिकार से मिले दस्तावेज से यह मामला उजागर हुआ कि संकुल केंद्र शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बिजौर विकास खण्ड बिल्हा जिला बिलासपुर में समग्र शिक्षा से मिली राशि का जमकर बंदरबांट हुआ है, जहां तत्कालीन संकुल प्राचार्य श्रीमती हेमलता पांडेय एवं संकुल समन्वयक मनोज सिह ठाकुर द्बारा बिना एड्रेस के एक नवीन होटल के नाम 25 प्लेट (प्रति प्लेट 180 रुपए)लंच की थाली का बिल दिनाँक 08/07/2023 और दूसरा 24 पैकेट लंच का बिल 21/01/2024 को लगाकर 4,370 और 4,500 रुपए का भुगतान बिल में दर्शाया है।

बिल देखने पर प्रथम दृष्टिया संदेह होने से खबर खास की टीम बिल में दिए फोन नम्बर पर कॉल कर सच जानना चाहा, तो पता चला कि वह होटल नहीं है बल्कि किराने की दुकान है जो सकरी में पिछले 20 सालों से संचालित है। हमारी टीम मौके पर पहुँची दुकान संचालक से बात किया, उन्होंने बताया कि यह फोन नम्बर मेरा ही है, लेकिन हमारा कोई नवीन नाम से कोई होटल नहीं है बिल फ़र्जी है।

मजे की बात यह है कि अन्य बिल के माध्यम से भी चाय,नाश्ता के साथ,
समोसा,
जलेबी,
मटर,
मिक्चर,
मिठाई,
बरफी,
मीठा,,
मुंगौड़ी,
बड़ा,
कॉफी,
नमकीन,
काजू भुजिया,

बिसलरी की बोतल मंगवाई गई है। जो शिक्षा विभाग में बैठे जिम्मेदार अफसरों की उदासीनता की पोल खोलने काफी है।

शिक्षा विभाग के उन तमाम जिम्मेदार अधिकारियों को समझना होगा कि संकुल प्राचार्य और संकुल समन्वयक द्वारा कितने शातिराना अंदाज में इस घटना को पिछले 5 सालों से अंजाम दिया जा रहा था। मतलब आँखों में धूल झोंका जा रहा था।

जानकारी के अनुसार, नवीन होटल का अस्तित्व ही नहीं है लेकिन फ़र्जी बिल में जो फोन नम्बर दिया गया है वह एक किराना दुकान का है जो सकरी बिलासपुर में स्थापित है। यह सच है। इस बिल से एक और सनसनीखेज खुलासा हुआ है जिसे हम सीघ्र ही अपने पाठकों के सामने रखेंगे।

अधिकारियों की जानकारी के लिए कुल 14 बिल चाय नाश्ता और 2 फ़र्जी बिल लंच के है और कुल 32,240 रूपए का लंच और चाय नाश्ता करना बताया गया है जो सरकारी पैसा का दुरुपयोग है। बाकी खुलासा तो जाँच से होगा।
पाठकों की जानकारी के लिए बतला दें कि बिजौर संकुल प्राचार्य और समन्वयक नें राज्य परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा से जारी अनुदान राशि में मेंटेनेंस ग्रांट, टीएलएम ग्रांट, मीटिग टीए, और कंटीजेंसी ग्रांट जैसी योजनाओं में फर्जी बिलों के जरिए राशि का दुरुपयोग किया है। इसमें 2022 से 2025 तक चार वर्ष के लिए बजौर संकुल को 3,66,174 रुपए की स्वीकृति मिली थी।
शिक्षा जगत से जुड़े लोगों का कहना है कि शिक्षा मंत्री और स्कूल शिक्षा विभाग, समग्र शिक्षा से जुड़े तमाम बड़े अधिकारी कल मंथन सभा कक्ष में मैराथन बैठक लेकर गए हैं और 24 घण्टे नहीं बीता की बिजौर संकुल का एक और घोटाला सामने आ गया है।
इस मामले की लिखित शिकायत मय प्रामाणिक दस्तावेज सहित मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री, कलेक्टर बिलासपुर और अन्य अधिकारियों से की गई है। लेकिन जिम्मेदार अधिकारी सरकार की किरकिरी कराने में और पलीता लगाने में तुले हुए हैं।

इस मामले में अब कलेक्टर से अपील की जा रही है कि वे सभी दस्तावेजों की निष्पक्ष जांच करवाकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें और सरकारी खजाने को हो रहे नुकसान की वसूली सुनिश्चित करें। साथ ही, शिक्षा मंत्री से भी यह आग्रह किया गया है कि वे सरकारी धन के दुरुपयोग को रोकने के लिए ठोस कदम उठाएं। यह मामला शिक्षा विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार को उजागर करता है और आम जनता में असंतोष बढ़ा रहा है।

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