बिलासपुर

सरकारी शिक्षकों की अनोखी “मशाल”…जिसनें रच दिया इतिहास… हो गए “बेमिसाल”।

खबर खास छत्तीसगढ़ बिलासपुर। एशिया के सबसे बड़े विकास खण्ड बिल्हा में सरकारी स्कूलों के शिक्षकों नें एक ऐसी मशाल जलाई है जिसकी रौशनी से गरीब नवनिहालों का भविष्य रौशन हो रहा है।

मुफ्त की सरकारी शिक्षा की तरह ही गरीब बच्चों का सुनहरा भविष्य तराशने की जिद्द नें सरकारी स्कूल के शिक्षकों की नि:स्वार्थ शिक्षा सेवा से गरीब परिवार के बच्चों को नवोदय की शिक्षा और सफलता की सीढ़ी का कीर्तिमान गढ़ने का संकल्प साकार किया है।

कहते हैं शिक्षा जीवन का सार है इसके बिना सब बेकार है। बिल्हा विकास खंड के मुठ्ठी भर शिक्षकों नें सिर्फ कमजोर आर्थिक वर्ग के बच्चों को बेहतर भविष्य का अवसर प्रदान करने निशुल्क शिक्षा के माध्यम का अलख जाग कर शाला समय के उपरांत जहाँ स्कूलों में शांति पसर जाती है, वहीं जनपद प्राथमिक शाला बिल्हा में शाम 4 से 6 बजे तक विद्यार्थियों का भविष्य गढ़नें का काम किया, जा रहा है।

शिक्षकों के इस साझा प्रयास का ही परिणाम है कि बिल्हा विकास खंड के अनेक विद्यार्थियों ने प्रतिष्ठित नवोदय विद्यालयों में अपना स्थान पक्का किया है।

मुफ्त शिक्षा की मशाल को रौशन करनें वाले केशव वर्मा सीएसी कन्या बिल्हा के मार्गदर्शन में यह सराहनीय पहल शिक्षक कलेश्वर साहू जनपद प्राथमिक शाला बिल्हा द्वारा 4 वर्ष पूर्व आरंभ किया गया, जिसमें समय के साथ राजेश यादव प्रधान पाठक, शा.प्रा. शाला कोटिया जैसे सारथी जुड़े। ये दोनों शिक्षक विद्यालय समय के पश्चात बिना किसी निजी स्वार्थ के, अपना तन-मन-धन अर्पित कर बिल्हा व बिल्हा क्षेत्र के बच्चों को नवोदय, एकलव्य और जवाहर उत्कर्ष जैसी कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार कर रहे हैं।

इन शिक्षकों की मेहनत रंग लाई इस वर्ष इस नि:शुल्क पाठशाला में आए बच्चों नें अपने भविष्य की डोरी और कठिन परिश्रम और शिक्षकों के मार्गदर्शन से ना केवल सफलता प्राप्त किया बल्कि क्षेत्र को गौरवान्वित किया है।

मुख्य केंद्र जनपद प्राथमिक शाला बिल्हा से 8 विद्यार्थियों— मोक्षिका कौशिक, कुसुम गायकवाड़, सार्थक यादव, लोकेंद्र कुमार घृतलहरे, आदित्य सन्नाड, शौर्य डहरिया, आहिल क्षत्री और प्रियांशु कौशिक का चयन नवोदय विद्यालय के लिए हुआ है।

शिक्षकों का निस्वार्थ भाव से किया गया शिक्षिकीय प्रयास इस मुहिम बेहतर बनाने की गूंज अब बिल्हा के साथ-साथ अन्य क्षेत्रों में भी सुनाई दे रही है।

शिक्षक साथियों की टीम के विस्तार के साथ हरदीपारा में भी प्रधान पाठक योगेंद्र गौरहा और श्रवण कुमार जगत द्वारा शाखा संचालित की जा रही है, जहाँ से 4 विद्यार्थियों — अरमान सिंह, नितेश कुमार कोराम, कनिका राज खरे और आस्था गंधर्व ने नें भी सफलता का परचम लहराया है।

इनके अलावा इस टीम के द्वारा तैयार किए गए टेस्ट पेपर से जिले के अन्य विद्यार्थी भी लाभान्वित हुए और नवोदय विद्यालय में चयनित हुए हैं।

विकासखंड शिक्षा अधिकारी भूपेंद्र कौशिक, सुनीता ध्रुव सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी, बीआरसीसी देवी प्रसाद चंद्राकर, केशव वर्मा सीएसी कन्या बिल्हा, डॉ. डी एन यादव सीएससी हरदीकला, और योगेश कुमार पाण्डेय, दीप्ति अल्फ्रेड, राजेश शुक्ला, अजय साहू जैसे अधिकारी, सीएसी एवं शिक्षक नियमित रूप से इस निःशुल्क पाठशाला का अवलोकन कर रहे हैं। अधिकारियों द्वारा दिए जा रहे मार्गदर्शन और प्रोत्साहन ने शिक्षकों और विद्यार्थियों के उत्साह को दोगुना कर दिया है।

यह अभियान न केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की मिसाल पेश कर रहा है, बल्कि समाज के प्रति शिक्षकों की जवाबदेही और सेवा भाव का उत्कृष्ट उदाहरण भी है।

जिला एवं विकास खण्ड शिक्षा विभाग के अधिकारियों, शिक्षकों एवं जनप्रतिधियों ने इस पूरी टीम की कार्यकुशलता और समर्पण की मुक्त कंठ से प्रशंसा की है। जब यह नि:शुल्क का पाठशाला प्रारंभ हुआ उस समय बिल्हा क्षेत्र में नवोदय के प्रति लोगों में कम जागरूकता थी और पालकों का मानना था कि नवोदय विद्यालय जैसे कठिन परीक्षा में चयन होना बहुत ही कठिन कार्य है, खासकर आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों का नवोदय विद्यालय में चयन होना अति मुश्किल कार्य है। अब परिणाम के साथ पालकों का सोच में भी बदलाव देखा जा रहा हैं अब उनका मानना कि यह नि:शुल्क पाठशाला विकास खण्ड के साथ-साथ बिल्हा जिला के लिए एक आदर्श व प्रेरणादायक बन चुका है।

चयनित छात्रों का मानना है कि शिक्षक कलेश्वर साहू और राजेश यादव पढ़ाने का तरीका बहुत ही लाजवाब है जिससे हम किसी भी अवधारणा को आसानी से समझ पाते हैं। नि:शुल्क पाठशाला नवोदय विद्यालय, एकलव्य विद्यालय, जवाहर उत्कर्ष जैसे प्रतियोगी परीक्षा के लिए मिल का पत्थर साबित हो रहे हैं यहां शिक्षक हम बच्चों में प्रतियोगी परीक्षा तैयारी के साथ-साथ छात्रों में समग्र विकास कर रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button