बिलासपुर

60 वर्षीय ललित, 63 वां रक्तदान कर…बने युवाओं के प्रेरणा स्रोत।

60 वर्षीय ललित 63 वां रक्तदान कर बने युवाओं के प्रेरणा स्रोत

खबर खास छत्तीसगढ़ बिलासपुर।बिलासपुर ने फिर रचा सेवा का इतिहास – वृहद रक्तदान शिविर में 172 यूनिट रक्त संग्रहीत, युवाओं ने निभाई अग्रणी भूमिका 13वें वर्ष में प्रवेश करते हुए एरीना एनीमेशन के नेतृत्व में हुआ ऐतिहासिक रक्तदान शिविर, शहर की 25 संस्थाओं की सहभागिता। भारत जैसे 140 करोड़ की आबादी वाले देश में प्रतिवर्ष लगभग 1 करोड़ यूनिट रक्त की आवश्यकता होती है, किंतु आज जैसे तमाम प्रयासों के बावजूद केवल 75 लाख यूनिट रक्त ही संग्रहित हो पाता है। करीब 25 लाख यूनिट रक्त की कमी के कारण हर वर्ष कई अनमोल जानें चली जाती हैं। ऐसे में रक्तदान न केवल एक सेवा कार्य है, बल्कि यह किसी का जीवनदान भी बन सकता है।

इसी उद्देश्य से एरीना एनीमेशन, बिलासपुर के संयोजन में 14 जून – विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर शहीद चौक स्थित लायंस भवन में एक वृहद रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें 25 से अधिक सामाजिक व स्वैच्छिक संस्थाओं की भागीदारी रही और कुल 172 यूनिट रक्त संग्रहित किया गया।

शिविर का उद्घाटन सीएसपी श्रीमती अर्चना झा एवं यातायात थाना प्रभारी श्री रामगोपाल करियारे के करकमलों से हुआ। दीप प्रज्वलन और माँ सरस्वती के पूजन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। उद्घाटन समारोह में श्री रामगोपाल करियारे एवं श्रीमती झा ने रक्तदान के महत्व पर जोर देते हुए युवाओं से इस पुनीत कार्य में सक्रियता से जुड़ने का आह्वान किया।

विशेष उल्लेखनीय उपस्थिति रही वरिष्ठ बैंकर व समाजसेवी श्री ललित अग्रवाल की, जिन्होंने अपने जीवन के 60 वसंत पूर्ण कर 63वीं बार रक्तदान कर यह मिथक तोड़ दिया कि रक्तदान केवल युवा वर्ग का कार्य है। उन्होंने बताया कि रक्तदान करने से कोई कमजोरी नहीं आती, बल्कि यह शरीर को नई ऊर्जा देता है।

शिविर संयोजक की प्रेरक भूमिका एरीना एनीमेशन के निदेशक एवं रक्तदान शिविर के संयोजक श्री संदीप गुप्ता ने स्वयं अपना 72वां रक्तदान कर युवाओं के लिए एक प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि यह शिविर 2012 से लगातार आयोजित होता आ रहा है, और यह इसका 13वां वर्ष हैं। कोविड काल में भी रक्तदान का यह अभियान रुका नहीं।

समापन समारोह और प्रेरणादायक वक्तव्य समापन अवसर पर अटल बिहारी बाजपेयी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. ए डी एन बाजपेयी, सीएसपी श्री राजेंद्र जायसवाल, एनएसएस प्रभारी मनोज सिन्हा, तारबाहर थाना प्रभारी श्री कृष्ण चंद्र सिदार, सहित अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। कुलपति श्री बाजपेयी ने अपने उद्बोधन में कहा, “हमारे कर्मों की गूंज पूरे ब्रह्मांड में होती है, इसलिए हमें परमार्थ में लगे रहना चाहिए। रक्त की कमी एक गंभीर समस्या है और हम सभी को जागरूक होकर इसे दूर करने का प्रयास करना चाहिए।” उन्होंने भविष्य में ऐसे शिविरों को विश्वविद्यालय स्तर पर भी आयोजित करने का प्रस्ताव रखा।

संस्थाओं की प्रेरक भागीदारी
इस ऐतिहासिक आयोजन में निम्नलिखित संस्थाओं का योगदान सराहनीय रहा: एरीना एनीमेशन, पिनेकल डिजाइन अकादमी, विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल, लायंस क्लब बिलासपुर, सेवा भारती, हैंड्स ग्रुप, छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स, सेटा, एनएसएस, एनसीसी, सीएमडी कॉलेज, ऑल इंडिया पीएनबी पेंशनर्स एसोसिएशन, रोटरी क्लब रॉयल, सीएआईटी, उसकी देन कमेटी, सराफा एसोसिएशन, साहेदा फाउंडेशन, गुरुकुल आईसीएस, पुनः हरियाली, विनायक नेत्रालय, श्री चिल्ड्रेन हॉस्पिटल, होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन, इंडोर गेम्स अकादमी, बीएनआई आदि।

रक्तदान का उत्सव – जन-भागीदारी का अद्भुत उदाहरण इस बार के शिविर की विशेषता यह रही कि बी नेगेटिव, ए नेगेटिव और एबी नेगेटिव जैसे दुर्लभ रक्त समूहों का भी संग्रह हुआ। लगभग 15 युवतियों और महिलाओं ने भी रक्तदान कर महिला शक्ति का परिचय दिया।

विशेष सहभागी एवं आयोजकगण : इस आयोजन में भागीदारी निभाने वालों में प्रमुख रूप से: मंजीत सिंह अरोरा, अरविंद दीक्षित (लायंस क्लब), ललित अग्रवाल (ऑल इंडिया पीएनबी पेंशनर्स एसोसिएशन चेयरमैन एवं बैंकर्स क्लब समन्वयक) नितेश वर्मा, रोहित भांगे (सेवा भारती),

मनीष जैन, कपिल टिबड़ेवाल (CETA), मनोज सिन्हा (एनएसएस प्रभारी), सतविंदर सिंह अरोरा (रोटरी क्लब रॉयल),
शैलेश बाजपेयी (विहिप), शेख नजीरुद्दीन (पूर्व सभापति), डॉ विनोद तिवारी, संदीप गुप्ता, शशि मिश्रा

एरीना एनीमेशन एवं पिनेकल डिज़ाइन अकादमी की ओर से जिन सदस्यों ने सक्रिय भूमिका निभाई, उनमें प्रमुख रूप से – मनीष मौर्य, सुलक्ष्णा जिल्लारे, विवेक दुबे, उमा, विनीता सिंह, दिव्या, निधि मिश्रा, समीर सोलोमन, हितेश टांडे तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल रहे।

प्रमाण-पत्र और मोमेंटो का वितरण :

समस्त रक्तदाताओं को प्रमाण पत्र, मोमेंटो तथा एक वर्ष तक के लिए 1 यूनिट रक्त की आवश्यकता पर उपलब्धता की गारंटी प्रदान की गई। आयोजन एकता ब्लड बैंक के तकनीकी सहयोग से सम्पन्न हुआ।

यह रक्तदान शिविर न केवल एक सामाजिक उत्तरदायित्व का प्रतीक था, बल्कि मानवता के प्रति एक सामूहिक संकल्प था — जीवन बचाने का, समाज से जुड़ने का और एक बेहतर भारत बनाने का।

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