खबर खास छत्तीसगढ़ बिलासपुर।इस तस्वीर को गौर से देखिए और जान लीजिए कि तस्वीर झूठ नहीं बोलती। इस तस्वीर में जो यह चमचमाती सीढी दिखाई दे रही है इसके सामने खिड़की लगी दीवार है, सीढ़ी के दोनों ओर भवन की दीवार है,इस सीढ़ी को बनाने का उद्देश्य क्या है,यह सीढ़ी कहां जाती है और कहां खत्म होती है, समझ से परे है। लेकिन सीढ़ी तो है।
अब हम अपने पाठकों को बता दें कि कोई भी निजी भवन निर्माण का काम हो या सरकारी, नक्शे के अनुसार होता है स्टीमेट बनाया जाता है देखरेख के लिए इंजीनियर साहब होते हैं एसडीओ साहब होते हैं ईई साहब होते हैं लाखों रुपए का टेंडर प्राप्त ठेकेदार के कर्मचारी सुपरवाइजर होते हैं इन सभी के होने के बावजूद, यह सीढ़ी क्यों बनाई गई, कहाँ जाती है इस बात का पता फिलहाल अभी तक तो नहीं चल सका है। ना ही किसी ने बतलाने की जहमत उठाई।
बुद्धिजीवियों की मानें तो कुछ नहीं तो भी इस रहस्यमय सीढ़ी को बनाने में कुछ लाख दो लाख रुपयों की लागत तो आई होगी सरकारी पैसा है इसका ये मतलब तो नहीं कि जब नक्शे में सीढ़ी नहीं थी तो बनाई क्यों गई! अब गलती हुई है तो इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार पर कार्यवाही तो होनी चाहिए? रहा सवाल रिकवरी तो किससे होगी रिकवरी!
साहब हमारा शहर स्मार्ट सिटी में आता है सफाई को लेकर पुरुस्कृत भी हुआ है लेकिन स्मार्ट सिटी में इस रहस्यमय सीढ़ी का रहस्य अब तक बरकरार है। कहीं यह स्वर्ग जाने वाली सीढ़ी तो नहीं! ऐसी सीढ़ी का ज़िक्र महाभारत में भी मिलता है।
अब हमारे बुद्धिजीवी पाठकों को यह भी बता दें कि यह रहस्यमय सीढ़ी बिलासपुर के नवीन कमिश्नर कार्यालय कोनी में बनी हुई,इस भवन का निर्माण करनें वाले जिम्मेदार अधिकारियों भी नहीं पता चला कि एक ऐसी सीढ़ी का निर्माण किया गया है जो सरकार को सवालों के घेरे में ला खड़ा कर देगा,यदि किसी विधायक ने विधानसभा में सवाल उठा दिया तो क्या जवाब देंगे,निर्माण एजेंसी जिम्मेदार अधिकारी और विभाग, सीढ़ी देखकर लगता है कि जवाब अनोखा होगा!
खैर, सरकार तो सरकार है सवाल का जवाब तो जिम्मेदार देंगे और जिम्मेदार कौन है पहले यह तय करना होगा जब तक तो सरकार के मंत्री इस सीढ़ी का मतलब भवन का उद्घाटन भी कर देंगे।
अंत में, कार्यवाही शुरू होते होते कहीं सरकार बदल गई तो फिर नई सरकार यह ना कह दे कि हमनें गुप्त द्वारा वाली सीढ़ी देखने के लिए प्रदर्शनी लगा रखा है जिस किसी को पिछली सरकार का गुप्त विकास मार्ग वाली सीढ़ी देखनी है तो लाइन में लगकर टिकट कटाकर देख सकते हैं फोटो खींचना मना है।