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स्वास्थ्यगत और पारिवारिक कारणों से दिया गया इस्तीफा… कलेक्टर नें किया मंजूर…समस्त पंजी व दस्तावेज तीन दिवस के भीतर संकुल प्रभारी को सौंपने का आदेश। नौटंकीबाज CAC काम कर “कलेक्टर” के आदेश की उड़ा रहे धज्जियाँ! जिम्मेदारों की उदासीनता उजागर।

खबर खास छत्तीसगढ़ बिलासपुर। कार्यालय कलेक्टर एवं जिला मिशन संचालक समग्र शिक्षा बिलासपुर इन दिनों अपने 8 नौटंकी बाज CAC के द्वारा दिए गए सामुहिक इस्तीफा को लेकर मीडिया को झूठी जानकारी देने से सुर्खियों में था CAC लोगों नें दिए इस्तीफा में सिर्फ स्वास्थ्यगत और पारिवारिक कारणों का जिक्र प्रमुखता से किया था। नाम था CAC शशिभूषण पाटनवार बालक सरकंडा, CAC मनोज सिंह बिजौर, CAC विकास साहू कुदुदंड, CAC योगेंद्र वर्मा मोपका, CAC शेषमणि कुशवाहा,चांटीडीह, CACआशीष वर्मा सिरगिट्टी, CAC प्रभात कुमार मिश्रा तारबहार, CAC श्रीकांत भगत,महारानी लक्ष्मीबाई दयालबंद ये सब के सब URC बिल्हा के CAC थे। यहाँ इनके प्रमुख URC के रूप में वासुदेव पांडेय पदस्थ हैं CAC लोगों के स्तीफा देने से इनके द्वारा निभाई जा रही पदीय दायित्वों और कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े होते हैं। शिक्षा विभाग के जानकारों का कहना है कि जिला मिशन संचालक समग्र शिक्षा जिला बिलासपुर के प्रमुख कलेक्टर हैं,कम से कम वासुदेव पांडेय को नोटिस जारी कर सवाल तो पूछना चाहिए, स्पष्टीकरण मांगना चाहिए कि आपके रहते ऐसा क्यों हो रहा है, आप को क्यों बैठाया गया है। शिक्षा विभाग के जानकारों का यह मानना है कि वासुदेव पांडेय भी URC पद के योग्य नहीं हैं!

इस खबर में एक महत्वपूर्ण आंकड़े की बात यह थी कि जिले में ग्रामीण बिल्हा BRC में 44 CAC पदस्थ हैं, कोटा में 51,तखतपुर में 45,मस्तूरी में 43,और URC शहरी स्रोत बिल्हा में 15 और जिले में कुल टोटल 198 संकुल केन्द्र हैं और इनमें इतने ही CAC पदस्थ हैं इनमें से URC शहरी स्रोत बिल्हा के कुल 15 में केवल और केवल 8 CAC लोगों नें अपना स्तीफा कार्यालय कलेक्टर एवं जिला मिशन संचालक समग्र शिक्षा बिलासपुर को सौपा था।

कलेक्टर बिलासपुर द्वारा 21 जनवरी2026 को इस्तीफा स्वीकार किए जाने के बाद भी नौटंकीबाज CAC लोगों द्वारा कूद कूद कर काम किया जा रहा है ऐसी खबरें विभागीय सूत्रों के हवाले से निकल कर सामने आ रही हैं।

डीएमसी कार्यालय से चलकर स्तीफा की फाइल कलेक्टर बिलासपुर की टेबल पर पड़ा स्तीफा चीख चीख कर सवाल खड़े कर रहा था कि बाकी चार विकास खण्ड कोटा,तखतपुर,बिल्हा और मस्तूरी में संचालित विकासखण्ड स्रोत के संकुल समन्वयकों नें स्तीफा क्यों नहीं सौपा! मतलब दबाव की राजनीति के लिए स्तीफा की झूठ मुठ नौटंकी की जा रही थी। उन्होंने ना केवल इस्तीफा स्वीकार किया बल्कि जाँच के आदेश भी दे दिया।

दूसरी तरफ CAC का सामुहिक स्तीफा की खबरें अखबारों,सोशल मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, वेब पोर्टल में खबरें सुर्खियों में थी,मतलब मीडिया नें भी CAC स्तीफा को बड़ी गंभीरता से लिया था।

दूसरी तरफ 198 CAC में शहरी स्रोत बिलासपुर के 15 संकुल समन्वयकों में से महज 8 CAC के द्वारा बार बार स्तीफा दिए जाने की चेतावनी,धमकी दी जाती रही थीं। किंतु इस बार CAC स्तीफा की खबरें मीडिया में आनें से प्रदेश भर में एक ही सवाल खड़े हो रहे थे कि 198 में महज 8 CAC का स्तीफा क्यों? चूंकि समग्र शिक्षा के प्रमुख कलेक्टर बिलासपुर हैं CAC इस्तीफा से उनके कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे थे उनकी किरकिरी हो रही थी।

वहीं कलेक्टर बिलासपुर नें 198 CAC में महज 8 CAC लोगों के स्तीफा दिए जाने के मामले को गंभीरता से लेते हुए उनका ना केवल स्तीफा स्वीकार किया बल्कि समस्त पंजी व दस्तावेज तीन दिवस के भीतर संकुल प्रभारी को सौंपने तथा जाँच का आदेश भी जारी कर दिया।

ऐसे में सवाल खड़े होना लाजिमी है कि क्या प्रशासन में जिम्मेदार पद पर बैठे अधिकारियों की उदासीनता के साथ साथ CAC लोगों की लापरवाही को उजागर नहीं करता!

जिम्मेदार तनख्वाह खोर अधिकारियों का मौन, कई सवाल खड़े करता है। एक सवाल यह भी है कि आखिर शहरी स्रोत URC बिलासपुर प्रमुख वासुदेव पांडेय के अधीनस्थ 15 में 8 CAC संकुल समन्वयकों नें URC शहरी स्रोत वासुदेव पांडेय को स्तीफा क्यों नहीं सौपा, या उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी,स्तीफा क्यों बिल्हा विकास खण्ड के विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी कार्यालय को नहीं सौपा गया, क्यों सिविल सेवा आचरण नियम विरुद्ध समग्र शिक्षा कार्यालय बिलासपुर में जाकर सौपा गया स्तीफा, आखिरकार शहरी स्रोत समन्वयक होने के नाते वासुदेव पांडेय नें स्तीफा देने वाले CAC लोगों के विरुद्ध क्या कदम उठाया?

बहरहाल खबर खास को सूत्रों के हवाले से खबर मिली कि समग्र शिक्षा कार्यालय में पदस्थ अधिकारियों द्वारा CAC लोगों के स्तीफा दिए जाने पर कुछ नहीं होगा,स्तीफा स्वीकार नहीं किया जाएगा, चिंता करनें की जरूरत नहीं है जैसा आश्वासन हर बार, बार बार दिया जाता रहा था लेकिन इस बार कलेक्टर द्वारा फाइल मंगाकर 21 जनवरी2026 को इस्तीफा स्वीकार कर लिए जाने से धमकी वाला दांव उल्टा पड़ गया है, देखना होगा कि CAC इस्तीफा नौटंकी का पटाक्षेप कैसे होता है।

क्या कलेक्टर बिलासपुर स्तीफा स्वीकार किए जाने के बाद CAC लोगों के खिलाफ कोई कठोर कदम उठा 190 CAC को कोई संदेश देंगे या फिर पूरा मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा!

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