शासकीय भूमि का बंदरबांट,अवैध निर्माण और बेजाकब्जा रोकने…ग्रामीण हुए लामबंद! कलेक्टोरेट का करेंगे घेराव।

खबर खास छत्तीसगढ़ बिलासपुर। शासकीय भूमि में बेजाकब्जा और अवैध कालोनियों का निर्माण जिस तेजी के साथ किया जा रहा है उसे बचाने ग्रामीण जागरूक हो रहे हैं उसकी बानगी मोपका ग्राम पंचायत के ग्रामीणों में देखने को मिली।
ग्राम मोपका की शासकीय भूमि के संबंध में हो रही बंदरबांट के विरुद्ध मोपका के जागरूक ग्रामीणों नें कानून निर्माता भीम राव अम्बेडकर भवन मोपका में एक बैठक आयोजित की।

बैठक में इस बात पर गंभीरता से विचार किया गया कि वर्तमान में जो अधिकारिता विहीन आदेश एसडीम और तहसीलदार के द्वारा दिए जा रहे हैं, जिसके कारण मोपका के बच्चों के खेलने के मैदान पर भूमाफिया बाउंड्री वाल बना रहे है एवं शासकीय भूमि पर अवैध कालोनियों का निर्माण हो रहा है। उसे कैसे रोकें।

बैठक में निर्णय लिया गया कि अपने ग्राम की समस्त शासकीय भूमि को किन नियमों के तहत उन्हें आवंटित किया गया है, या पट्टे पर दिया गया है की संबंधित अधिकारी से जानकारी ली जाय।
उन सभी की जानकारी एवं अवैध कब्जे को खाली करवाने के लिए एवं अवैध कब्जा आदेश जारी करने वाले संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्यवाही करने हेतु ग्रामीणों नें सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि मंगलवार को दिनांक 5 अप्रैल को मोपका वासी कलेक्ट्रेट का घेराव करेंगे और अपनी भूमि जो निस्तार पत्रक में दर्ज है,वह कैसे और किन प्रकरणों के द्वारा संबंधित व्यक्तियों को दी गई उन सभी की जानकारी मांगेंगे।
देखना होगा कि मोपका के जागरूक ग्रामीण 5 अप्रैल को मोपका स्थित शासकीय भूमि पर हो रहे बेजाकब्जा,अवैध निर्माण से जुड़ी समस्या के निराकरण के लिए कलेक्टोरेट का घेराव कर शासकीय भूमि पर हो रहे अवैध निर्माण व बेजाकब्जा पर रोक लगाने कितना सफल होते हैं।





