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खुद को स्वीकृत प्रधानमंत्री आवास निर्माण में की गई मजदूरी भुगतान के लिए 4 साल से भटक रहा हितग्राही!

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खबर खास छत्तीसगढ़ कोरबा/पोंड़ी उपरोड़ा। प्रधानमंत्री आवास योजना गरीबों के लिए वरदान साबित हुआ है किन्तु कई जगहों पर अधिकारियों की उदासीनता और सही तरीके से मोनिटरिंग नहीं किए जाने के चलते आवास प्राप्त हितग्राहियों को अपने ही आवास निर्माण में कि गई मजदूरी भुगतान के लिए सालों से दर दर भटकना पड़ रहा है।

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ऐसा ही एक मामला कोरबा जिले के पोंड़ी उपरोड़ा विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम पंचायत कोरबी (सिंघिया) का है जहां प्रधानमंत्री आवास के हितग्राही विजय दास महंत रोजगार सहायक पर आरोप लगाते हुए कलेक्टर कोरबा को शिकायत पत्र लिखा है कि रोजगार सहायक मुकेश कुमार कुर्रे नें अपने पद का दुरुपयोग करते हुए उनके नाम पर स्वीकृत प्रधानमंत्री आवास निर्माण में उनकी पत्नी और उनके द्वारा की गई मजदूरी का भुगतान अब तक उनके बैंक अकाउंट में नहीं डाला है। मजदूरी भुगतान के लिए में लगभग चार साल से भटक रहा हूँ।

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विजय महंत नें बताया कि वर्ष 2017-18 में विजय दास महंत पिता स्व. करन दास महंत जाति पनिका के नाम से प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत आवास स्वीकृत हुआ था। जिसका आवास आई.डी.क्रमांक 1275156 है,उक्त प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास निर्माण कार्य मे विजय दास महंत और उसके पत्नी प्रमिला बाई के द्वारा मनरेगा के तहत मजदूरी का कार्य किये थे, जिनका भुगतान आज तक नहीं हो पाया है।

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शिकायतकर्ता का आरोप है कि रोजगार सहायक के द्वारा फर्जी तरीके से अपने रिश्तेदार के जॉब कार्ड क्रमांक 321 उक्त मनरेगा कार्य का मजदूरी भुगतान कराया गया है। जबकि आवास निर्माण मजदूरी कार्य मे 321 जॉब कार्ड के किसी भी व्यक्ति द्वारा कार्य नहीं किया गया है, इस तरह रोजगार सहायक के द्वारा अपने रिश्तेदारों से मिली भगत कर मनरेगा कार्य की मजदूरी राशि उनके खाते में डलवाने का काम किया गया है। इस वजह से हमें हमारी मजदूरी का भुगतान नहीं हो सका है।

शिकायतकर्ता की माने तो इस तरह के और भी मामले ग्राम पंचायत कोरबी में निर्मित प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास निर्माण कार्य में हुआ है, सभी निर्माण कार्य की मनरेगा मजदूरी भुगतान की जांच की जाए तो इस तरह कई फर्जी तरीके से किए गए भुगतान राशि किसी अन्य व्यक्ति द्वारा आहरण किए जाने के मामले उजागर होने की संभावना है।

क्या जिला प्रशासन प्रमुख ऐसे गंभीर मामले को संज्ञान में लेकर प्रधानमंत्री आवास के गरीब हितग्राही को उसके अपने मकान में की गई मजदूरी का भुगतान दिलाने कोई ठोस कदम उठाएंगी,यह देखने वाली बात होगी!

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