नेहरू चौक से दर्री घाट तक 10 किलोमीटर की सड़क निर्माण से जुड़ा “सूचना पटल” ही गायब…! और बिलासपुर पहुँचे PWD विभागीय सचिव मुकेश बंसल नें कर लिया निरीक्षण!
Satyendra VermaMay 28, 2026
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खबर खास छत्तीसगढ़ बिलासपुर। जहाँ एक तरफ आसमान आग उगल रहा है वहीं शहर में लोक निर्माण विभाग संभाग क्रमांक-1 बिलासपुर में सड़क बनाने का काम तेजी के साथ कर रहा है इनमें से एक सड़क जो जिला बिलासपुर के नेहरू चौक से दर्री घाट तक जाती है,जिसकी लंबाई 10.70 किलोमीटर मीटर लंबी है जिसका आज विभागीय सचिव मुकेश कुमार बंसल नें PWD के उच्च अधिकारियों के साथ निरीक्षण किया। उनके और अधिकारियों के निरीक्षण पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
लेकिन अफसोस इस बात का कि ना तो उच्च अधिकारियों को, ना ही विभागीय सचिव को निरीक्षण के दौरान कहीं भी कोई कमी नजर आई,जबकि नियमानुसार सड़क निर्माण कार्य प्रारंभ होने से पूर्व सड़क निर्माण से जुड़ी तमाम जानकारी आमजनता और जनप्रतिनिधियों की जानकारी के लिए “सूचना पटल” (बोर्ड)के रूप में सड़क किनारे सड़क के आरंभ और अंत में लगाया जाता है लेकिन इस 10.70 किलोमीटर की लंबाई वाली सड़क के प्रारंभ और अंतिम सिरे में सूचना पटल लगाया ही नहीं गया है ऐसा लगता है कि आम जनता के टैक्स के पैसों के बनने वाली करोड़ों की लागत वाली सड़क की जानकारी अधिकारी और ठेकेदार द्वारा आमजनता से जानबूझकर छुपाई जा रही है!
जनता का कहना है कि यदि सड़क निर्माण संबधी बोर्ड,सूचना पटल,लगाया जाता तो लोगों को पता चलता कि कार्य का क्या नाम है, क्या क्या काम होना है,अनुबंध क्रमांक और वर्ष कौन सा है,निविदा की राशि कितनी है,कार्य आदेश दिनाँक क्या है,स्वीकृत दर क्या है,निर्माण एजेंसी कौन है,विभाग का नाम क्या है,कार्य को सम्पन्न कराने वाले जिम्मेदार कार्यपालन अभियंता,अनुविभागीय अधिकारी,उप अभियंता कौन हैं इनका फोन नम्बर क्या है।
बहरहाल विभागीय सचिव मुकेश कुमार बंसल तो सड़क निरीक्षण बाद अधिकारियों को निर्देश देकर राजधानी रवाना हो गए लेकिन आम जनता के लिए एक सवाल छोड़ गए कि ये कैसा निरीक्षण?
फिलहाल देखना होगा कि सचिव महोदय के साथ निरीक्षण में गए PWD के उच्च अधिकारियों द्वारा मातहत को सूचना पटल लगाने को कोई दिशा निर्देश जारी करते हैं या मौन रहकर अपनी अपनी सहमति देते नजर आते हैं!
सवाल:-
01. क्यों नहीं लगाया गया सूचना पटल!
02. लगभग 5 महीने से अधिकारी और ठेकेदार जनता की आँखों में धूल क्यों झोंक रहे!
03. ठेकेदार से कार्यस्थल पर सूचना पटल लगाने, नियम का पालन कौन कराएगा!
04. अब तक ठेकेदार को कितनी राशि का हुआ भुगतान, क्या कहती है मेजरमेंट बुक!