करोड़ों की लागत से निर्मित मल्टीलेवल पार्किंग, नाकारा साबित हो रहा, कलेक्ट्रेट परिसर और नो पार्किंग में सड़क किनारे खड़ी हो रहीं दो पहिया और चार पहिया गाड़ियां! आए दिन लगता है जाम।
Satyendra VermaMay 29, 2026
4
खबर खास छत्तीसगढ़ बिलासपुर। शहर की पार्किंग व्यवस्था को व्यवस्थित करने के उद्देश्य से शासन द्वारा करोड़ों रुपये खर्च कर कलेक्ट्रेट के पास और एसपी कार्यालय के सामने मल्टीलेवल पार्किंग का निर्माण कराया गया है, लेकिन प्रशासनिक उदासीनता और लोगों की लापरवाही के चलते यह पार्किंग सुविधा उपयोगी साबित नहीं हो पा रही है।
स्थिति यह है कि मल्टीलेवल पार्किंग खाली पड़ी रहती है, जबकि दूसरी तरफ बड़ी संख्या में लोग अपनी गाड़ियां कलेक्ट्रेट परिसर के अंदर और टाउन हॉल के सामने सड़क के दोनों किनारे पर बेखौफ खड़ी कर रहे हैं। इससे न केवल नो पार्किंग और यातायात नियमों का उल्लंघन हो रहा है, बल्कि कलेक्ट्रेट की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं।
कलेक्ट्रेट परिसर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में दूर दराज से लोग अपनी समस्या, अपने काम,विभिन्न रैलियों, आंदोलनों और ज्ञापन सौंपने के लिए दो पहिया और चार पहिया वाहनों से यहाँ पहुंचते हैं,और अपने वाहनों को सड़क के दोनों किनारे बेतरतीब ढंग से खड़े कर देते हैं जिसमें सड़क पर जाम लगता है ऐसे अव्यवस्थित पार्किंग के कारण सड़कें संकरी हो जाती हैं और यातायात प्रभावित होता है। कई बार जाम जैसी स्थिति भी निर्मित हो जाती है साथ ही साथ दुर्घटना का डर भी बना रहता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन सख्ती से नियमों का पालन कराए और लोगों को मल्टीलेवल पार्किंग का उपयोग करने के लिए जागरूक करे, तो यातायात व्यवस्था में काफी सुधार हो सकता है।
फिलहाल प्रशासन की निष्क्रियता और लोगों में जागरूकता की कमी के कारण करोड़ों की लागत से निर्मित पार्किंग सुविधा का लाभ शहरवासियों को नहीं मिल पा रहा है।
अंत में बस इतना ही कि यदि अव्यवस्था का यह आलम जिला प्रमुख कलेक्टर और एसपी के कार्यालय के सामने का है तो शहर के अन्य प्रमुख स्थलों में सड़क के दोनों किनारे बेतरतीब ढंग से दुपहिया और चार पहिया वाहनों का खड़ा किया जाना और सड़क पर बार बार जाम की स्थिति बनना सवाल तो खड़े करता नजर आता ही है।
जिम्मेदारों को चाहिए कि कलेक्टर कार्यालय के सामने समय समय पर ट्रैफिक व्यवस्था और बेतरतीब ढंग से खड़े वाहनों को मल्टीलेवल पार्किंग स्थल तक भेजने कदम उठाने जैसा काम करना होगा ताकि आम जनमानस के साथ साथ दूसरे जिले आए अधिकारी भी अपने वाहनों को मल्टीलेवल पार्किंग स्थल पर खड़ी करें,ताकि यातायात प्रभावित ना हो और नो पार्किंग का लगा बोर्ड और उसके आस पास खड़ी दुपहिया और चार पहिया वाहन लोगों की नजर में मज़ाक ना बने!