तखतपुर ब्लाक के हाई स्कूल सिलतरा प्राचार्य मुकेश पांडेय के खिलाफ श्रम विभाग में अंशकालीन सफाईकर्मी नें की लिखित शिकायत…! जानें क्या है पूरा मामला।

खबर खास छत्तीसगढ़ बिलासपुर। विगत 6 साल से सिलतरा के शासकीय हाई स्कूल में बतौर अंशकालीन सफाई कर्मी के रूप में 2 घंटे साफ सफाई का काम करने वाले को नव नवेले प्राचार्य मुकेश पांडेय नें नियम विरुद्ध नौकरी से निकाल बाहर किए जाने की शिकायत अंशकालीन सफाईकर्मी डोमन राम साहू नें श्रम विभाग सहित कलेक्टर, जिला शिक्षा अधिकारी और विधायक तखतपुर,मंत्री, उप मुख्यमंत्री से की है।

अंशकालीन सफाईकर्मी डोमन राम साहू का आरोप है कि वह शासकीय हाई स्कूल सिलतरा विकास खण्ड तखतपुर जिला बिलासपुर में वर्ष 2009 से दिसम्बर 2025 तक इस स्कूल में काम कर रहा था, और हाल ही में प्राचार्य के पद पर आए मुकेश पांडेय व शाला प्रबंधक समिति के अध्यक्ष हेतराम कश्यप के द्वारा मेरे विरुद्ध भ्रामक जानकारी के आधार पर कार्यवाही करते हुए मुझे नौकरी से निकाल दिया गया है। जबकि मैं DPI के नियमानुसार शाला लगनें के पूर्व 2 घंटे का सफाई कार्य प्रतिदिन सुबह करता था।

उनका आरोप है कि उन्हें नौकरी से निकालने उन्होंने षडयंत्र पूर्वक समिति की सदस्य सरिता निर्मलकर के जगह राजेश निर्मलकर से फर्जी हस्ताक्षर कराया गया।

जिला बिलासपुर से आना जाना करनें वाले प्राचार्य, मुख्यालय से 30 किलोमीटर दूर रहनें वाले प्राचार्य,70 से 80 हजार रुपए की तनख्वाह पानें वाले प्राचार्य मुकेश पांडेय नें एक अंशकालीन सफाईकर्मी जिसे महज तीन हजार रुपए ही एक महीने में साफ सफाई के मिलते थे उसे नौकरी से निकाल बाहर किया है।

अंशकालीन सफाईकर्मी का कहना है कि शासन के नियमों के अनुसार उसे सिर्फ 2 घंटे की साफ सफाई करनी है लेकिन तुनक मिजाज प्राचार्य उसे 2 घंटे की बजाय स्कूल में फुल टाइम मतलब 6 घंटे काम करने का दबाव दबाव बना रहे थे। सफाईकर्मी द्वारा उनका तुगलकी फरमान मानने की बजाय शासन के नियम कानून का हवाला देने पर नाराज प्राचार्य नें नियम विरुद्ध उसे काम से ही निकाल दिया है।

वहीं न्यायधानी बिलासपुर में सफाईकर्मी नें श्रम विभाग के श्रम न्यायालय बिलासपुर में प्राचार्य और समिति के अध्यक्ष द्वारा षड्यंत्र पूर्वक नौकरी से निकाले जाने के खिलाफ लिखित शिकायत दी है। श्रम विभाग नें भी मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए गंभीरता से एक सुनवाई करने के बाद अगली सुनवाई 30 मार्च 2026 को रखी है।

इतना ही नहीं अंशकालीन सफाईकर्मी डोमन राम साहू नौकरी में वापसी के लिए खुद के लिए न्याय पाने विधायक तखतपुर से,संभाग के मंत्री व उप मुख्यमंत्री से शिकायत की है साथ ही साथ जिला शिक्षा अधिकारी और कलेक्टर बिलासपुर से भी लिखित शिकायत की है। डोमेन कहते हैं न्याय पाने के लिए वह अपने संगठन का सहयोग भी लेंगे।
डोमन दुखी होकर कहते हैं कि एक बार साफ सफाई के दौरान शौचालय की दीवार टूट कर उनके पैर पर गिर गई थी जिससे उनका पैर टूट गया था। जिसकी क्षतिपूर्ति राशि आज दिनाँक तक उन्हें विद्यालय प्रबंधन द्वारा नहीं दिया गया और तो और नौकरी से निकालने से पिछले 15 दिन किए गए साफ सफ़ाई का भुगतान भी प्राचार्य द्वारा जानबूझकर नहीं किया गया है।
प्राचार्य नें कार्य से पृथक करनें मुझे 10 बजे से 04 बजे तक रहने बार बार बुलाया गया जिसका विरोध करने पर मुझे शारिरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया था। मुझे प्रताड़ित करनें कभी स्कूल का ताला बदला गया, कभी उपस्थिति पंजी में हस्ताक्षर करने के बाद अनुपस्थित लिखा गया।
बहरहाल अभी मामला श्रम विभाग में लंबित है सुनवाई जारी है देखना दिलचस्प होगा कि न्यायधानी में न्याय के लिए श्रम विभाग में दस्तक देने वाले अंशकालीन सफाईकर्मी डोमन साहू को कब तक न्याय मिलता है या फिर डोमेन को न्याय की लड़ाई न्यायालय का रास्ता अख्तियार करना होगा!



