संकुल प्राचार्य को, सर्व शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष नें लिखा उपदेश व खरी खोटी शब्दों से भरा पत्र! शिक्षा जगत में हो रही है चर्चा! जानें क्या है पूरा मामला।

खबर खास छत्तीसगढ़ बिलासपुर। सरकार भले ही युक्ति युक्त करण के तहत सरकारी शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए प्रयास कर रही है लेकिन सरकार के उठाए कदम के बाद एक संकुल प्राचार्य के द्वारा एक प्रधान पाठक प्राथमिक शाला को लिखा गया पत्र युक्ति युक्त करण के और शासन द्वारा अटैचमेंट को समाप्त किए जाने जारी किया गया आदेश,को पलीता लगाए जाने जैसा साबित हो रहा है।
तभी तो संकुल प्राचार्य द्वारा लिखे गए पत्र को लेकर, सर्व शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष नें संकुल प्राचार्य को उपदेश देते हुए खरी खोटी शब्दों से भरा पत्र लिखकर चेतावनी दे दी कि इस तरह का पत्र बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
संकुल प्राचार्य महोदय,
सहायक शिक्षक की पदस्थापना प्राथमिक शाला के लिए हुई है, व्यवस्था के तहत आप उसे हाईस्कूल में ले रहे है। जब लाभ देना होता है तो वह उस पद के योग्य नहीं होता और जब काम लेना होता है तो वह तत्काल उस पद के योग्य हो जाता है फिर उसके पास बीएड की डिग्री हो या न हो।

यहां तक तो ठीक है लेकिन जिस प्रकार का पत्र आप प्रधान पाठक को लिख रहे है वह बिल्कुल सही नहीं है खासतौर पर नीचे की 4 लाइन, एक तरफ सरकार किसी भी प्रकार के संलग्नीकरण पर रोक का आदेश जारी कर रही है और दूसरी तरफ आप इस प्रकार का पत्र और वह भी इस प्रकार की भाषा शैली के साथ जारी कर रहे है वह पूरी तरह गलत है।
उच्चाधिकारियों से भी निवेदन है कि इस विषय को संज्ञान में लें। सभी शासन का ही कार्य कर रहे है यह सभी को याद रखना चाहिए।
प्रदीप पाण्डेय
प्रदेश अध्यक्ष
सर्व शिक्षक संघ





