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अपने ही आदेश का पालन करानें “नाकाम” साबित हो रहे बिलासपुर जिला शिक्षा अधिकारी, अनिल तिवारी! JD और DPI कुम्भकर्णीय नींद में!

खबर खास छत्तीसगढ़ बिलासपुर। शिक्षा विभाग में सूचना के अधिकार अधिनियम अंतर्गत जन सूचना अधिकारी श्रीमती सुनीता ध्रुव प्रभारी विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी बिल्हा जिला बिलासपुर द्वारा जानकारी नहीं देने पर आवेदक द्वारा प्रथम अपील जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में लगाई गई थी,जहाँ जिला शिक्षा अधिकारी प्रथम अपीलीय अधिकारी होने के नाते अनिल तिवारी नें प्रकरण की सुनवाई कर जन सूचना अधिकारी बिल्हा को 23/01/2025 को आदेश जारी करते हुए आवेदक को 15 दिन में रजिस्टर्ड डाक के माध्यम से जानकारी उपलब्ध कराने का लेख किया था चूँकि आदेश जनवरी 2025 का था लेकिन ऐसा लगता है कि जिला शिक्षा अधिकारी व प्रथम अपीलीय अधिकारी अनिल तिवारी के द्वारा प्रकरण की अंतिम सुनवाई के दौरान जारी आदेश का पालन करना जनसूचना अधिकारी नें जरूरी नहीं समझा, ना ही प्रथम अपीलीय अधिकारी जिला शिक्षा अधिकारी अनिल तिवारी को अपने आदेश का पालन कराना आवश्यक लगता है तभी तो आवेदक को 23 जनवरी 2025 के आदेश बाद 4 माह तक जानकारी नहीं मिलने पर 13/05/2025 को सूचना के अधिकार के तहत जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय बिलासपुर में आवेदन कर आपके द्वारा जारी आदेश के पालन में प्रस्तुत पालन प्रतिवेदन की सत्यापित छायाप्रति मांगी गई लेकिन दस्तावेज की जानकारी और पालक प्रतिवेदन और जानकारी आज दिनाँक तक नहीं प्राप्त हुआ है।

मतलब साफ है कि सिविल सेवा आचरण नियम का पालन ही नहीं किया जा रहा है,सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत जारी आदेश को जन सूचना अधिकारी मानते ही नहीं! यकीन नहीं तो इस आदेश की कॉपी को पढ़िए।

विषयांतर्गत संदर्भित पत्र के अनुक्रम में लेख है कि आपके द्वारा सूचना के अधिकार के तहत, अपीलीय अधिकारी कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी बिलासपुर छत्तीसगढ़ के क्रमांक 1321 / सू०अ०प्रको० / अपील प्र.क्र. 103/2024 बिलासपुर दिनांक 28/02/2025 अपील प्रकरण क्रमांक 103/2024 सरकण्डा बिलासपुर विरुद्ध जन सूचना अधिकारी कार्यालय विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी बिल्हा जिला बिलासपुर छत्तीसगढ़ आदेश दिनांक 23/01/2025 की कंडिका चार के परिपालन में जन सूचना अधिकारी कार्यालय विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी बिल्हा जिला बिलासपुर के द्वारा अपीलीय अधिकारी कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी, बिलासपुर छत्तीगढ़ में प्रस्तुत पालन प्रतिवेदन की सत्यापित छायाप्रति चाही गई है।

इस संबंध में 10/06/2025 को आवेदक को जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से पत्र लिखकर अवगत कराया जाता है कि जन सूचना अधिकारी कार्यालय विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी बिल्हा जिला बिलासपुर का पालन प्रतिवेदन प्रथम अपीलीय अधिकारी को प्राप्त नहीं हुआ है।

ऐसे में सवाल खड़े होता है कि प्रति माह एक निर्धारित तिथि पर मोटी मोटी तनख्वाह पाने वाले जिम्मेदार अधिकारी और खण्ड प्रभारी आवेदक को सूचना के अधिकार के तहत जानकारी उपलब्ध कराने का प्रयास करते नजर क्यों नहीं आ रहे हैं? जबकि सूचना के अधिकार अधिनियम में स्पष्ट प्रावधान है कि अपीलीय अधिकारी अपने द्वारा जारी आदेश का पालन कराएं

ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि सूचना के अधिकार के तहत आम आदमी को जानकारी नहीं मिलने पर अपील और अपील आदेश के बाद क्या केवल पत्राचार करते हुए कार्यालय का चक्कर लगाते रहना होगा! उसे जानकारी कब मिलेगी?

बहरहाल जब न्यायधानी बिलासपुर जिले में कलेक्टर,सँयुक्त संचालक शिक्षा, कमिश्नर जैसे जिम्मेदार अधिकारियों की पोस्टिंग होने के बाद भी जिला शिक्षा अधिकारी अपने ही अधीनस्थ अधिकारी को सूचना के अधिकार तहत जारी आदेश का पालन कराने में नाकाम साबित हो रहे हैं तो समझा जा सकता है कि जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में पदस्थ अधीनस्थ अधिकारी एवं कर्मचारियों का रवैया जिला शिक्षा अधिकारी को लेकर कैसा होगा!

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