बिलासपुर

सनसनीखेज खुलासा….राउंड फिगर में चलने वाली खनिज विभाग की “सरकारी गाड़ी” शासन के खजाने को लगा रही चूना!

खासखबर छत्तीसगढ़ बिलासपुर। मुख्यमंत्री के पास उपलब्ध विभागों में से एक विभाग खनिज का भी है और बिलासपुर जिले के खनिज विभाग में पदस्थ अधिकारी और कर्मचारियों को इस बात का जरा भी भय नहीं कि विभाग मुख्यमंत्री मंत्री के पास है और सरकारी चार पहिया वाहन शासन के नाम पर,सरकारी वाहन की आड़ में अधिकारियों द्वारा मनमानी तरीके से आर्थिक भृष्टाचार किया जा रहा है।

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खनिज विभाग का सरकारी वाहन शासन की ओर से रेत,गिट्टी खदानों और कोल डिपो का निरीक्षण और अवैध खनन और परिवहन की शिकायतों पर कार्यवाही करने स्वीकृत हुआ है किंतु खनिज विभाग को मिले सरकारी वाहन के लॉग बुक यानि गति माप पुस्तिका में दर्ज आंकड़े को देखने पर आर्थिक भ्र्ष्टाचार स्पष्ट दिखाई देता है।

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खनिज विभाग के सरकारी वाहन क्रमांक C G 02 5526 के लॉग बुक में दर्ज आंकड़ों को देखने से ऐसा लगता है कि अधिकारी इस वाहन की आड़ में सरकार को जमकर आर्थिक चूना लगा रहे हैं जबकि सरकार इन अधिकारियों को पूरी तनख्वाह के साथ साथ शासन की तमाम सुविधाएं भी देती है किंतु उन्हीं सुविधाओं में एक सुविधा सरकारी चार पहिया वाहन की भी मिलती है, अधिकारी इस वाहन का उपयोग निरीक्षण के नाम पर वाहन में रखे लॉग बुक पर चलने वाले वाहन की दूरी के हिसाब से किलोमीटर दर्ज करवाते हैं।

लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि लॉग बुक में दर्ज दिनांक,समय, कहाँ से कहाँ तक, किलोमीटर रीडिंग, कितने किलोमीटर की यात्रा, यात्रा का विवरण, पेट्रोल/डीजल यानि ईंधन खर्च, आदि वाहन इंचार्ज अधिकारी के हस्ताक्षर से फर्जी आंकड़े बना कर डाले जाते हैं जबकि अधिकारी तो मौके पर जाते ही नहीं लेकिन वाहन का लॉग बुक और किलोमीटर उनके फर्जी निरीक्षण और भ्र्ष्टाचार की कहानी साफ तौर से दस्तावेज में नजर आती है।

साल 2019 के माह अप्रेल,मई,जून और जुलाई के लॉग बुक का रिकॉर्ड देखने पर चौकाने वाला खुलासा होता है इसमें वाहन उपयोग में लेने वाले खनिज निरीक्षक का नाम RG सर लिखा हुआ है और इंचार्ज अधिकारी के नाम का चिड़िया/हस्ताक्षर है।

मजे की बात यह है कि अप्रेल,मई, जून और जुलाई 2019 में लॉग बुक गोसवारा में दिए आंकड़े में सरकारी चार पहिया वाहन राउंड फिगर (30,40,50,60 किलोमीटर) में चलती है और किलोमीटर संकेतक भी राउंड फिगर संकेतक 30,50,60,और 70 में आकर रुक गया है हैरान कर देने वाली बात यह कि वाहन का किलोमीटर संकेतक अप्रेल माह में 25 दिन,मई माह में 25 दिन,जून माह में 23 दिन,जुलाई माह में 27 दिन में कुल 110 दिन अलग अलग दिनों में 287 लीटर डीजल की खपत कर 4390 किलोमीटर का दौरा किया गया है फिर भी वाहन का किलोमीटर संकेतक प्रत्येक दिन राउंड फिगर में रीडिंग दर्शाया गया है, जो विभागीय अधिकारियों द्वारा किए जा रहे भृष्टाचार को उजागर करने काफी है।

जून माह में तो 5/6/7/30 तारीख को सरकारी वाहन से दौरा तो किया गया है किंतु कितने किलोमीटर की यात्रा की गई है दर्शाया नहीं गया है मतलब साफ है कि कार्यालय प्रमुख सहित जिम्मेदार अधिकारी लॉग बुक निरीक्षण करना जरूरी नहीं समझते सिर्फ चिड़िया बैठाकर अपने कर्तव्यों की औपचारिकता पूरी करते नजर आते हैं।

बहरहाल सरकारी चार पहिया वाहन की लॉग बुक की आड़ में खनिज विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों का सरकारी कोष को आर्थिक हानि पहुंचाने का ये मामला गंभीर है शासन को संज्ञान में लेते इसकी जांच करानी चाहिए ताकि आर्थिक अनियमितता की सच्चाई सामने आ सके और दोषियों पर कार्यवाही हो।

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