खबर खास छत्तीसगढ़ बिलासपुर/पेण्ड्रा/ जीपीएम जिले में हर्ष छाबरिया एक जाना-माना नाम है, जो अपने समाजसेवी कार्यों और स्वच्छता अभियानों के लिए पहचाने जाते हैं। उनकी पहचान उनके कार्यों और समाज के प्रति उनकी प्रतिबद्धता से होती है, और वे किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं।
कहते हैं कि जब तलक जिस्म में जान होती है, इंसानी चार कंधों के सहारे मृतक के अंतिम संस्कार के लिए उसे “मुक्तिधाम” लाया जाता है। शवयात्रा में शामिल लोग,हर बार मुक्तिधाम में पसरी गंदगी को देखकर अनदेखी करते हैं जबकि उन्हें भी मालूम होता है कि उन्हें भी उनके अपनों के चार कंधों पर एकदिन यहाँ (मुक्तिधाम) लाया जाएगा।
लेकिन मुक्तिधाम में पसरी गंदगी और अव्यवस्था को पेण्ड्रा में एक शख्स और उसकी टीम वर्क दूर करने के काम कि वजह से एक मिशाल बन गई है जो बिना किसी लागलपेट के मुक्तिधाम में पसरी गंदगी और कमी को दूर करने पिछले दस बरस से संकल्पित होकर अपने ख़र्चों पर स्वच्छता अभियान चला रहे हैं और स्वच्छता का अलख जगाने का काम निरंतर कर रहे हैं।
सच तो यह है कि जो इस संसार में आया है सो जाएगा,चाहे वह राजा हो या रंक या फिर फकीर ही क्यों ना हो, उसे जाना होगा शरीर के प्राण त्यागते ही चार कंधों पर निकली उसकी अंतिम यात्रा मुक्तिधाम में आकर समाप्त हो जाती है।
हालांकि गौरेला पेण्ड्रा मरवाही जिले में स्वच्छता अभियान की अलख जगाने वाले हर्ष छाबरिया के कांधों पर विश्व हिंदू परिषद के जिलाध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पद की एक और जिम्मेदारी सौंपी दी गई है स्वच्छ भारत मिशन के साथ साथ उसे भी वो बखूबी निभा रहे हैं।
अपने सहज सरल स्वभाव की वजह से हर्ष छाबरिया एक जाना-पहचाना नाम है, जो अपने टीम वर्क के साथ समाजसेवी कार्यों और स्वच्छता अभियानों के लिए जाने पहचाने जाते हैं। उनकी पहचान उनके कार्यों और समाज के प्रति उनकी प्रतिबद्धता से होती है, और वे किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं।
उनकी टीम द्वारा हाल ही में इंदिरा उद्यान के समीप स्थित पेण्ड्रा शहर के सबसे बड़े लगभग 10 एकड़ में फैले विशाल मुक्तिधाम को सवारने की वजह से एक बार फिर सुर्खियों में आ गई है। मुक्तिधाम के चारों ओर पसरी गंदगी और खरपतवार से ढकी टूटी फूटी उबड़ खाबड़ सड़क, मुक्तिधाम के टूटे फूटे चबूतरे, शवदाह गृह में लगाए गए टिनशेड सहित परिसर में उगे खरपतवार, गाजर घास, कटीली झाड़ियों की साफ सफाई विश्व हिंदू परिषद जिलाध्यक्ष व समाजसेवी हर्ष छाबरिया और उनकी टीम द्वारा कराया गया।
हर्ष लोगों के दिलों में ठीक उसी तरह बसते हैं जैसे हनुमान के हृदय में भगवान राम। समाजसेवा की मिसाल और मशाल दोनों ही के रूप में इनके द्वारा चलाए जा रहे स्वच्छता अभियान कार्य की लोग खुले दिल से सराहना कर रहे हैं।
बता दें कि इंदिरा उद्यान के समीप स्थित पेण्ड्रा के मुक्तिधाम का बहुत बड़ा रकबा होने के कारण उसकी साफ सफाई बहुत बड़ी चुनौती होती है, क्योंकि इतने बड़े रकबे की साफ सफाई करना आसान नहीं होती है।
सफाई अभियान के दौरान मुक्तिधाम के बाहर की सड़क और बाउंड्रीवाल के बीच स्थित गंदगी को भी हर्ष और उनकी टीम ने साफ कर दिया है, जिससे आने जाने वाले राहगीरों को भी राहत मिलेगी, क्योंकि उक्त स्थल में झाड़ी, काई, जहरीले जीव जंतुओं और बारिश से फिसलन के कारण लोगों को आने जाने में परेशानी होती थी।
हर्ष और उनकी टीम द्वारा मुक्तिधाम में बने गलियों और चबूतरों के आसपास से खरपतवार और झाड़ियां साफ कर देने से मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार के दौरान लोगों को उठने बैठने में परेशानी नहीं होगी।
उल्लेखनीय है कि हर्ष छाबरिया के द्वारा पेण्ड्रा के 6 प्रमुख स्थानों पर सफाई कार्य लगातार 10 वर्षों से कराया जाता है। इस वर्ष उनके द्वारा 7 प्रमुख स्थानों का सफाई कराया गया जिसमें जनपद पंचायत पेण्ड्रा परिसर भी शामिल है।
हर्ष छाबरिया और उनकी टीम द्वारा सफाई कराए जाने वाले प्रमुख स्थानों में दुर्गा सरोवर, मल्टी परपज हायर सेकंडरी स्कूल का विशाल खेल मैदान, विद्या नगर कालोनी, नया बस स्टैंड मुक्तिधाम, इंदिरा उद्यान के समीप मुक्तिधाम, ग्राम देवता हरदेव बाबा चौरा परिसर शामिल है।
अंत में बस इतना ही कि जीपीएम जिले के लोगों के दिलों में राज करने वाले हर्ष छाबरिया और उनकी टीम अपने सामाजिक कार्यों से आसमान भी छू ले रहे हैं और असली कामयाबी का प्रमाण भी है कि उनके पाँव भी, जमीन पर हैं।