वट पीपल से ऑक्सीजन के साथ विशेष आसन से ही सावित्री ने सत्यवान को पुनर्जीवित किया – ललित

खबर खास छत्तीसगढ़ बिलासपुर। सोमवती अमावस्या,शनि जयंती व वट सावित्री व्रत का सिद्ध योग बनने से आज प्रात: ब्रह्म मुहूर्त से ही महिलाओं ने बगीचे में जाकर बरगद की बरगद की पूजा कर रही हैं।

शिवमंदिर शुभमविहार प्रांगण में श्रीमति इंदुबाला पांडेय, श्रीमति निशा अग्रवाल, श्रीमति सरिता पांडेय, श्रीमति मोनिका अग्रवाल सहित आसपास की अनेकों महिलाओं ने वट व पीपल के युगल वृक्ष की विधिविधान से पूजा अर्चना की।
बैंकर्स क्लब बिलासपुर के समन्वयक श्री ललित अग्रवाल ने बताया कि दरअसल हिंदु धर्मो में परम्पराओ के नाम पर प्रकृति से जुड़ने के रास्ते बताये गए है। सावित्री आसन वास्तव में लाभकारी हैं।
यदि किसी व्यक्ति की हार्टअटैक से मृत्यु हो जाये तो एक निश्चित समय के अंदर यदि उसकी छाती पर दोनों हथेली से दबाव देकर हार्ट को पम्प किया जाए तो मनुष्य के पुर्नजीवित होने की संभावना रहती हैं। जरूरत इस बात की हैं कि हम अपनी सनातन परम्पराओ के वैज्ञानिक कारणों को जानकर समय काल व परिस्थितियों के आधार पर उनका अनुकरण करे।
इसीलिए विगत दस माह से शुभमविहार कल्याण समिति के युवा ऊर्जावान अध्यक्ष श्री आख़िलानन्द पांडेय के नेतृत्व में हिंदुत्व जागरण की अलख जाग्रत हुई हैं। पहले इक्के दुक्के लोग ही शिवमंदिर प्रांगण में यदा कदा आते थे। अब प्रति दिन सैकड़ो की तादाद में बच्चें, माताएं-बहने, युवा व बुजुर्गों से प्रांगण आबाद रहता हैं। ज्येष्ठा अमावस्या के पावन पर्व पर वट व पीपल के युगल वृक्ष का पूजन करने हेतु आज बिलासपुर के कोने कोने से धर्मनिष्ठ श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है।





