प्रधानमंत्री आवास मित्र नियुक्ति मामले में नियमों की अनदेखी…सीईओ बिल्हा की मनमानी उजागर… जिला पंचायत CEO नें दिया जाँच का आदेश…!

खबर खास छत्तीसगढ़ बिलासपुर। बिल्हा जनपद सीईओ के द्वारा नियम विरुद्ध आवास मित्र की भर्ती मामले पर आवेदक मुकेश कुमार ने जिला कलेक्टर से सुशासन त्यौहार के दौरान जनदर्शन में शिकायत की है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिला पंचायत सीईओ ने तीन सदस्यीय टीम बनाकर 7 दिवस में जाँच कर प्रतिवेदन देने का निर्देश दिया था लेकिन एक माह बाद भी अब तक कोई जांच नही किया गया है। इससे स्पष्ट है कि बिल्हा सीईओ द्वारा नियम विरुद्ध की गई भर्ती छिपाने का प्रयास किया जा रहा है।

जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ में आवास मित्र की नियुक्ति क्लस्टर वार होना था। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण अंतर्गत हितग्राहियों को मार्गदर्शन एवं सामग्री की उपलब्धता में सहायता के दृष्टिकोण से प्रत्येक क्लस्टर में आवास मित्र समर्पित मानव संसाधन का चयन करना था उसी कड़ी में पूर्व आवास मित्र मुकेश कुमार कश्यप ने क्लस्टर क्रमांक 58 के लिए आवेदन किया था जिसमें बिलासपुर जिला पंचायत में क्लस्टर 58 मे चयन मुकेश कुमार कश्यप का हुआ था। लेकिन इसके उपरांत जनपद पंचायत बिल्हा के सीईओ ने क्लस्टर को नजर अंदाज करते हुए मनमानी तरीके से क्लस्टर कमांक 56 जो नगरौडी पंचायत आता है उस आवेदक को क्लस्टर 58 नेवसा में भर्ती ले लिया गया है जबकि विज्ञापन में स्पष्ट लिखा है कि आवेदन पूर्ण रूप से नहीं भरे होने पर आवास मित्र को निरस्त किया जाए।

जिला पंचायत बिलासपुर द्वारा काउंसलिंग के समय जारी किया गया पत्र में सपष्ट किया गया है की आवेदक द्वारा किसी भी प्रकार की गलत जानकारी दिया जाना गलत दस्तावेज दिया जाना या अपूर्ण जानकारी होना पाया जाएगा तो आवास मित्र समर्पित मानव संसाधन की सेवाएं नहीं ली जाएगी लेकिन बिल्हा सीईओ ने लापरवाही पूर्वक कलस्टर क्रमांक 56 के आवेदक को क्लस्टर क्रमांक 58 में भर्ती ले लिया है।
जिला पंचायत बिलासपुर में चयन होने के पश्चात सत्यापन का जिम्मा जनपद पंचायत बिल्हा को सौंपा गया था इसलिए क्लस्टर वार नंबर के अनुसार सत्यापन के लिए अलग-अलग रूम बनाया गया था। लेकिन जब काउंसलिंग सत्यापन में जिसका क्लस्टर 58 में सत्यापन काउंसलिंग ही नहीं हुआ है उसका चयन 58 में कैसे हो गया।
आवेदक मुकेश कुमार ने जनपद सीईओ द्वारा नियमविरुद्ध भर्ती करने का मामला को देखते जिला कलेक्टर पहुचकर जनदर्शन में शिकायत की थी जिस पर जिला पंचायत सीईओ ने तीन सदस्यीय जांच टीम गठित कर 7 दिवस में जांच पूरा कर जांच प्रतिवेदन देने कहा था लेकिन जांच अधिकारियों ने अब तक उस मामले में जांच नहीं कि है।
लगभग माह भर होने को है जांच पर अधिकारी गम्भीर नही—–
जिला पंचायत सीईओ ने 8 मई को तीन सदस्यीय टीम बनाकर जांचकर एक सप्ताह में प्रस्तुत करने को कहा था लेकिन अब तक इस मामले में जांच शुरू भी नही की गई है।
सुसाशन के ब्यस्तता के चलते नही कर पाए है जांच नेवसा आवास मित्र शिकायत पर माह भर में जांच नही कर पाई तीन सदस्यीय गठित टीम
आवेदक मुकेश कुमार के द्वारा शिकायत पर जिला पंचायत सीईओ ने टीम बनाकर 7 दिवस में जांच करने को कहा था
नेवसा :– बिल्हा ब्लॉक अन्तर्गत ग्राम नेवसा में बिल्हा सीईओ के द्वारा मनमानी करते हुए आवास मित्र की भर्ती की है जिसपर आवेदक मुकेश कुमार ने जिला कलेक्टर से जनदर्शन में शिकायत की तब जिला पंचायत सीईओ ने तीन सदस्यीय टीम बनाकर जाँच 7 दिवस में करने को कहा था लेकिन अब माह भर बीतने को है अब तक किसी प्रकार का कोई भी जांच नही किया गया है इससे साफ झलक रहा है कि अधिकारी इस मामले पर गम्भीर नही है ।
मिली जानकारी के अनुसार पूरे छत्तीसगढ़ में आवास मित्र की नियुक्ति क्लस्टर वार होना था प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण अंतर्गत हितग्राहियों को मार्गदर्शन एवं सामग्री की उपलब्धता में सहायता के दृष्टिकोण से प्रत्येक क्लस्टर में आवास मित्र समर्पित मानव संसाधन के चयन करना था उसी कड़ी में पूर्व आवास मित्र मुकेश कुमार कश्यप ने क्लस्टर क्रमांक 58 के लिए आवेदन किया था जिसमें बिलासपुर जिला पंचायत में क्लस्टर 58मे चयन मुकेश कुमार कश्यप का हुआ था। लेकिन इसके उपरांत जनपद पंचायत बिल्हा के सीईओ ने क्लस्टर को नजर अंदाज करते हुए मनमानी तरीके से क्लस्टर कमांक 56 जो नगरौडी पंचायत आता है उस आवेदक को क्लस्टर 58 नेवसा में भर्ती ले लिया गया है जबकि विज्ञापन में स्पष्ट लिखा है कि आवेदक पूर्ण रूप से नहीं भरे होने पर आवास मित्र को निरस्त किया जाए ।
जिला पंचायत बिलासपुर द्वारा जारी काउंसलिंग के समय जारी किया गया पत्र में सष्ट किया गया है की आवेदक द्वारा किसी भी प्रकार की गलत जानकारी दिया जाना गलत दस्तावेज दिया जाना या अपूर्ण जानकारी हो पाया जाएगा तो आवास मित्र समर्पित मानव संसाधन की सेवाएं नहीं ली जाएगी लेकिन बिल्हा सीईओ ने लापरवाही पूर्वक कलस्टर क्रमांक 56 के आवेदक को क्लस्टर क्रमांक 58 में भर्ती ले लिया है । जिला पंचायत बिलासपुर में चयन होने के पश्चात सत्यापन का जिम्मा जनपद पंचायत बिल्हा को सौंपा था इसलिए क्लस्टर वार नंबर के अनुसार सत्यापन के लिए अलग-अलग रूम बनाया गया था । लेकिन जब काउंसलिंग सत्यापन में जिसका क्लस्टर 58 में सत्यापन काउंसलिंग नहीं हुआ है उसका चयन फिर कैसे 58 में हो गया ।आवेदक मुकेश कुमार ने जनपद सीईओ की मनमानी पूर्वक भर्ती करने का मामला को देखते जिला कलेक्टर पहुचकर जनदर्शन में शिकायत की गई थी जिसपर जिलापंचायत सीईओ ने तीन सदस्यीय जांच टीम गठित कर 7 दिवस में पूरा करने को कहा था लेकिन जांच अधिकारियों ने अब तक उस मामले में किसी प्रकार का कोई भी कार्रवाई नही की है ना ही जांच की गई है।
सुसाशन का बहाना,नही कर पाए है जांच —–
सुशासन तिहार के चलते अभी लगातार व्यस्तता में चल रहे है इस हफ्ते बाद करेंगे जाँच।
वंदना गबेल,
अति मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत बिलासपुर जांच अधिकारी।





