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एक पत्रकार, आखिर “क्यों” करता है ऐसा “काम” कि हो जाता है…

खासखबर छत्तीसगढ़ बिलासपुर। बहुत कम ही ऐसा देखने और सुनने को मिलता है कि एक पत्रकार मानवता की खातिर कुछ भी करनें को तैयार होता है उसे ना तो उसे कड़कड़ाती ठंड का अहसास होता है ना भूख प्यास लगती है उसे तो सिर्फ उसका लक्ष्य “मानवता” ही दिखलाई देती है। वह खुद को जाति धर्म के बंधन से परे मानता है। ऐसे ही एक पत्रकार जो रतनपुर के निवासी हैं जो मानवसेवा के लिए सदैव तत्पर रहते हैं उनका नाम है जुगनू तम्बोली जिन्हें रतनपुर का हर एक व्यक्ति ना केवल जानता है पहचानता बल्कि उनकी तारीफ भी दिल से करता है।

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जुगनू एक पत्रकार के साथ साथ मानवता के पुजारी भी है मानव सेवा उनका धर्म और कर्म है। अपनी पत्रकारिता को मानव सेवा से जोड़ कर कुछ इस तरह से समाज की सेवा करते चले आ रहे हैं।

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आज अल सुबह इस कड़कती ठिठुरती ठंड में रतनपुर बाइपास दर्री पारा से पत्रकार जुगनू तम्बोली को खबर आई कि एक वृद्ध सिपीटीसी के गहरे गड्ढे में अर्द्ध नग्न हालत में गिरा पड़ा हुआ है आस पास के लोग देख कर चले जा रहे हैं कोई डरकर मदद नहीं कर रहा है। उसे कोई पहचानता भी नहीं है। उसकी जान आप ही बचा सकते हो!

सुबह की कड़कड़ाती ठंड में पत्रकार जुगनू तम्बोली नें अपनी बुलट निकाली और उस पर सवार होकर निकल पड़े घटना स्थल की ओर और पहुंच कर 112,और 108 को फोन लगाकर सूचना दी और गहरे सिपीटीसी के गड्ढे में उतरकर बुजुर्ग के हालात का जायजा लिया। हालात ठीक नहीं थे।

कड़कड़ाती ठंड और बहती सर्द हवाओं में बुजुर्ग का शरीर अकड़ सा गया था। वो अनजान थे उनकी पहचान नहीं हो पा रही थी ऊपर से वो कुछ बोल भी नहीं पा रहे थे। नसों में बहती खून की रफ्तार धीमी पड़ रही थी।

तभी 108,और 112 एम्बुलेंस मौके पर आ गई तमाशबीन लोगों में से कुछ लोग पत्रकार जुगनू की मदद के लिए आगे आये। बड़ी मुश्किल से बुजुर्ग को गड्ढे से बाहर निकाला गया और उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रतनपुर रवाना किया गया।

जुगनू भी एम्बुलेंस के पीछे पीछे इस उधेड़बुन के साथ निकल पड़ा कि हे भगवान इस बुजुर्ग की जान बचा लो! मैं तो सिर्फ़ एक मददगार हूँ और आप पालनहार।

अस्पताल में बुजुर्ग की हालत गंभीर देखकर डॉक्टरों नें प्राथमिक उपचार के साथ उन्हें बिलासपुर रिफर कर दिया है।

पत्रकार जुगनू तम्बोली को इस बात की खुशी है कि जानकारी मिलते ही शासन प्रशासन और सभी लोगों ने मिलकर एक अनजान वृद्ध की जान बचाने का सराहनीय प्रयास किया है उम्मीद है कि वे अस्पताल में उपचार के बाद शीघ्र स्वस्थ हो जाएंगे और उनकी पहचान भी हो जाएगी उनके परिजन उन्हें अपने साथ लेकर जाएंगे।

जुगनू तम्बोली पत्रकार रतनपुर

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