बिलासपुर

तेलंगाना राज्य से मंगाया गया “देवरीखुर्द संकुल” में चाय नाश्ता और भोजन की थाली…मंत्री जी बिजौर, सिरगिट्टी के बाद एक और संकुल घोटाला उजागर…URC वासुदेव और ऑडिट पर भी उठ रहे सवाल!

खबर खास छत्तीसगढ़ बिलासपुर। खबर खास छत्तीसगढ़ बिलासपुर नें एशिया के सबसे बड़े विकास खण्ड शिक्षा कार्यालय बिल्हा अंतर्गत संचालित कार्यालय शहरी स्रोत केंद्र (समग्र शिक्षा) विकास खण्ड बिल्हा (श.) जिला बिलासपुर छत्तीसगढ़ के अंतर्गत 15 संकुल आते हैं जिनके प्रमुख वासुदेव पांडेय हैं और इनमें से ही एक संकुल है देवरीखुर्द यहाँ की संकुल प्रभारी हैं श्रीमती साधना प्रधान और तत्कालीन संकुल समन्वयक थीं श्रीमती किरण डेग्वेकर जिनके कार्यकाल में गुप्ता होटल एवं रेस्टोरेंट बस स्टैंड, बिलासपुर (छ. ग.) से 05/08/2024 को 80 नग समोसा, डेढ़ किलो नमकीन,80 नग लंच पैकेट,नाश्ता प्लेट 10 पैकेट,और 250 ml का 10 पेटी पानी बोतल मंगवाया गया और कुल राशि 12 हजार रुपए का फ़र्जी भुगतान को रसीदी टिकट और PPA क्रमांक देकर सही बिल दर्शाने की कोशिश की गई है।


खबर खास की टीम नें जब मौके पर बस स्टैंड जाकर गुप्ता होटल एवं रेस्टोरेंट के संचालक से बातचीत की तो उन्होंने बिल देखते ही कहा कि ये बिल हमारे होटल का नहीं है ना ही हम समोसा, चाय,नमकीन बेचते हैं न ही इस बिल में दिए गया फोन नम्बर हमारा है। वहीं उन्होंने बताया कि आसपास गुप्ता होटल के नाम से कोई और संस्थान संचालित नहीं हो रहा है।


हमनें बिल में दिए गए फोन नम्बर पर कॉल कर गुप्ता होटल के विषय में जानकारी लेनी चाही तो बात चीत से सनसनीखेज जानकारी निकल कर सामने आई जो जो भ्र्ष्टाचार को परत दर परत उजागर करने काफी है।


दिए गए फोन नम्बर वाले ने बताया कि वह भारत के आंध्रप्रदेश राज्य से अलग होकर बना 28 वाँ राज्य तेलंगाना से बोल रहा हूँ हमनें गुप्ता होटल छत्तीसगढ़ बिलासपुर के बिल में दिए गए फोन नम्बर का हवाला दिया तब उन्होंने कहा कि नहीं मैं होटल के विषय में कुछ भी नहीं जानता।


अब हम भी समझ गए कि तेलंगाना राज्य से मंगाया गया “देवरीखुर्द संकुल” में चाय नाश्ता और भोजन की थाली फ़र्जी बिल की कहानी बयां कर रही है…।


यदि मंत्री जी खबर खास की खबर को संज्ञान में लेकर जाँच का आदेश जारी करते हैं तो बिजौर, सिरगिट्टी के बाद एक और संकुल देवरीखुर्द का फ़र्जी होटल बिल का घोटाला सहित अन्य बिलों से सनसनीखेज रुप से बिलों का फर्जीवाड़ा उजागर होगा।


इस संकुल घोटाले से URC वासुदेव की उदासीनता और शासन द्वारा कराए जा रहे ऑडिट पर भी उंगली उठाई जा रही है।


लेकिन बिजौर, सिरगिट्टी, और अब देवरीखुर्द संकुल से भ्र्ष्टाचार उजागर होने की खबर आने से 15 संकुल प्रमुख वासुदेव पांडेय भी सवालों के घेरे में आ गए हैं जानकार बताते हैं कि ऐसे गैर जिम्मेदार पदाधिकारी का पद पर बने रहना, CAC पर नियंत्रण नहीं होना,और 8 CAC का इस्तीफा देने के बाद कलेक्टर बिलासपुर का स्वीकार कर लिया जाना भी यूआरसी वासुदेव पांडे की उदासीनता को उजागर करता है अब सवाल यह कि आखिरकार किसके इशारे पर CAC लोगों द्वारा इस्तीफा दिया गया, वासुदेव पांडे मौन क्यों हैं, अब लगातार संकुल केंद्रों में समग्र शिक्षा से आई अनुदान राशि की प्रामाणिक दस्तावेज के साथ भ्र्ष्टाचार उजागर होने पर भी वासुदेव मौन हैं क्यों! ऐसे में आम जनता बुद्धिजीवी वर्ग सवाल खड़े करता है कि क्या ऐसे में समग्र प्रमुख कलेक्टर बिलासपुर को उन्हें पद से हटाकर वापस उनके मूल शाला भेज नहीं देना चाहिए! क्योंकि बुद्धिजीवी भी मानते हैं कि संकुलों में भ्र्ष्टाचार उजागर होने से शासन और प्रशासन की लगातार क्षवि धूमिल हो रही है।


बहरहाल देखना होगा कि क्या प्रामाणिक दस्तावेज के आधार पर लगाई गई खबर को संज्ञान में लेते हुए समग्र प्रमुख कलेक्टर बिलासपुर देवरीखुर्द संकुल के समस्त दस्तावेज को जब्त कर जाँच टीम गठित करने का आदेश जारी करते हैं या फिर शासन प्रशासन की क्षवि यूं ही धूमिल होती रहेगी!

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