गरीबों का आशियाना उजाड़…गार्डन होगा गुलज़ार! विरोध में धरना प्रदर्शन में बैठे गरीबों के समर्थन में जुटने लगे सामाजिक संगठन और राजनीतिक दल! 39 दिनों से धरना प्रदर्शन बदस्तूर जारी।

खबर खास छत्तीसगढ़ बिलासपुर। पिछले 39 दिनों से राजकिशोर नगर का लिंगियाडीह सुर्खियों में बना हुआ है वजह है बेजाकब्जा तोड़ने का शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करना,धरना प्रदर्शन,अपने हक की लड़ाई लड़ना इसलिए इन दिनों यहाँ के रहवासियों नें शासन प्रशासन के तुगलकी फरमान के खिलाफ एक मुहिम छेड़ रखा है। लगातार मीडिया कवरेज से आम जनता तक लिंगियाडीह के लोगों की समस्या पहुँचने से सभी समाजिक संगठन और राजनीतिक दलों के लोगों का आना और आंदोलन का समर्थन करनें का सिलसिला बदस्तूर जारी है।

इसी कड़ी में प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता अभय नारायण राय ने कहा है कि 9 माह पहले इनके मकान एवं दुकानों को तोड़ा गया है। दोबारा तोड़कर गार्डन बनाना गलत है हम इसका विरोध करते हैं हमारा समर्थन हर उस गरीब के साथ है जिनके साथ अन्याय हो रहा है। लिंगियाडीह अगर टूट गया तो फिर कुछ नहीं बचेगा, आस पास के क्षेत्र भी न रहेगा। इसे हम सभी को मिलकर बचाना है।

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पाटी के नेता पवन शर्मा ने कहा की क्रांतिकारी लोग ही जंग जीत सकते है सत्ता के नशे में चूर लोगो को अईना दिखाना पड़ेगा तब जाकर लड़ाई पूरी होगी।

सर्व दलीय मंच के नेता एवं बिलासपुर के विभिन्न आंदोलन के संयोजक रवि बनर्जी ने कहा की आंदोलन को मजबूत और तेज किया जायेगा हम हर गरीब और मजदूर लोगों के साथ है और रहेंगे उनके लड़ाई में हमेशा खड़े
रहेंगे।

ललनराम ने कहा की समाज को आज जागना पड़ेगा ये किसी व्यक्ति विशेष की लड़ाई नहीं है ये हर उस गरीब की लड़ाई है जो अपने हक के लिए लड़ रहा है सरकार को ध्यान देना चाहिए वोट लेकर धोखा मत दे, ये आवाज न रुकेगी अंतिम लडाई लड़ी जाएगी। आपके साथ अन्याय होने न देंगे।

बसपा के बेलतरा के अध्यक्ष कन्हैया लाल सूर्यवंशी ने आभार व्यक्त किया और कहा कि पूरी बसपा किसान मोर्चा आपके साथ है।

आंदोलन के 39वें दिन वरिष्ठ जनों एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी धरना स्थल पहुंचकर आंदोलन को समर्थन दिया।

सभी ने एक स्वर में आवाज बुलंद करते हुए कहा कि वे इस आंदोलन में अंतिम समय तक लोगों के साथ मजबूती से डटे रहेंगे और लिंगीयाडीह के हक की लड़ाई को कमजोर नहीं पड़ने देंगे।
आंदोलन स्थल पर प्रमुख रूप से डॉ. रघु, श्याम मूरत कौशिक, भोलाराम साहू,परसराम कश्यप, दिनेश घोरे, कमल घोरे, सोनू गोस्वामी श्रवण मानिकपुरी, अनिकेत कश्यप, बाबा शर्मा,डॉ अशोक शर्मा, रूपेश साहू, रामशरण कश्यप टीकम सिंह सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। वहीं बड़ी संख्या में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी भी देखने को मिली, जिनमें सोनबाई गोड़, परमिला वध्रुव, अनिता ध्रुव, नंदनी ध्रुव, आरती श्रीवास, मालती यादव, रामबाई माजिपी, शीला सिंह, सीता साहू, संगीता भादव, जयकंवर अहिरवार, अजनी रजक, कल्याणी यादव, मोगरा यादव, बाई चौहान, पिल्ली बाई, मालती मानिकपुरी, अनुपा श्रीवास, जानकी गोड़, कुमारी मानिकपुरी, संतोषी श्रीवास, रामवाई मानिकपुरी, खोरबहारिन यादव, सवित्ती यादव, भरजीना बेगम, नीरा सेन, लीला भोई, आरती सूर्यवंशी, मथुरी सूर्यवंशी सहित बड़ी संख्या में प्रभावित परिवार और मोहल्लेवासी शामिल रहे।
आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस और न्यायपूर्ण निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन अनवरत जारी रहेगा। लिंगीयाडीह बचाओ आंदोलन अब केवल एक मोहल्ले या वार्ड का नहीं, बल्कि पूरे शहर के जनसमर्थन का प्रतीक बनता जा रहा है।
निषाद उमेश प्रसाद बसपा के जिला प्रभारी डॉ रषु साहू,गौ सेवक रूपेश साहू, दिनेश पारे, बाला शमी, कमल घारे, केदार सिंह लक्ष्मी लाल, कन्हैया ठाकुर, जोगीराम भोई, रूपेश साहू रामशरण कश्यप लक्ष्मी लाल केवंट टीकम सिंह, यशोवा पटिल जी. डॉ. रघु, श्याम मूरत कौशिक, भोलाराम साहू, फासराम कश्यप, दिनेश घोरे, कमल बोरे, सोनू गोस्वामी श्रवण मनिकपुरी, अनिकेत कश्यप, बाबा शर्मा, डॉ अशोक शर्मा, रूपेश साहू, रामशरण कश्यप, लक्ष्मी लाल केवंट, टीकम सिंह, सोनबाई गोड़, परमिता बध्य, अनिता ध्रय, नंदनी छव, आरती श्रीवास, मालती याक्य, रामबाई माजिपी, शीला सिंह, सीता साहू, संगीता भाকা, जयकंवर अहिरवार, अजनी रजक, कल्याणी याका, मेगरा यादव, बाई चौहान, फिल्ली बाई, मालती मनिकपुरी, अनुपा श्रीवास, जानकी गोड़, कुमारी मानिकपुरी, संतोषी श्रीवास, रामवाई मानिकपुरी, खोरबहारिन यादव, सवित्ती यादव, भरजीना बेगम, नीरा सेन, लीला भोई, आरती सूर्यवंशी, मधुरी सूर्यवंशी आदि सभी उपस्थित थे।





