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न्यायधानी में न्याय के लिए दर-दर की ठोकर खा रही सरकारी स्कूल की शिक्षिका…अपने खिलाफ हुए अन्याय के लिए संकुल समन्वयक को मानती है दोषी…साल भर पहले से कलेक्टर,जेडी और तमाम जिम्मेदार शिक्षा अधिकारियों को लिखा है शिकायत पत्र…अब तक नहीं मिला है न्याय!

खबर खास छत्तीसगढ़ बिलासपुर। विकास खण्ड शिक्षा कार्यालय बिल्हा संकुल केंद्र बिजौर के संकुल समन्वयक इन दिनों सुर्खियों में हैं वजह है कभी उनके ही संकुल के अंतर्गत संचालित सरकारी प्रायमरी स्कूल की शिक्षिका नें अपने खिलाफ हुए अन्याय के लिए डीईओ,कलेक्टर, जेडी और तमाम जिम्मेदार शिक्षा अधिकारियों को संकुल समन्वयक की लिखित शिकायत देकर जाँच की मांग की थी और की है, लेकिन शिक्षा विभाग में पला बढ़ा जांच का “कछुआ” आज दिनाँक तक शिक्षिका को न्याय नहीं दिला सका लेकिन शिक्षिका नें भी हिम्मत नहीं हारी,सतत न्याय की उम्मीद और अन्य महिला शिक्षिकाओं को प्रेरित करने आज भी उनकी लड़ाई संकुल समन्वयक के खिलाफ जारी है।

मामला बिल्हा विकास खण्ड के संकुल केंद्र शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला बिजौर का है जिसमें बतौर संकुल समन्वयक के रूप में मनोज सिंह ठाकुर पदस्थ हैं पाठकों की जानकारी के लिए बता दें कि संकुल समन्वयक का पद अस्थायी रूप से है और मनोज सिंह ठाकुर सहायक शिक्षक एलबी हैं और वर्तमान में शासकीय जनपद प्राथमिक शाला खमतराई विकास खण्ड बिल्हा में पदस्थ हैं। जिस पर शिक्षिका नें एक बार फिर गंभीर आरोप लगाते हुए कलेक्टर बिलासपुर के जनदर्शन कार्यक्रम में शिकायत कर जाँच की मांग की है।

शिक्षिका नें कलेक्टर बिलासपुर को पूर्व में लिखे शिकायत पत्र दिनाँक 08/07/25,का हवाला देते हुए कलेक्टर बिलासपुर के समक्ष जनदर्शन में शिकायत पत्र सौंपा है शिक्षिका के अनुसार हम दोनों (श्रीमती ममता सोनी एवं पोलेश्वर कुमार यादव) शा.प्रा. शाला बिजौर, संकुल केन्द्र बिजौर, विकास खण्ड – बिल्हा में सहायक शिक्षक (L.B.) के रूप में 19/09/2024 तक पदस्थ थे।

हम दोनों शिक्षकों को बिजौर संकुल के समन्वयक मनोज सिंह ठाकुर ने “झूठी शिकायत” कर 19/09/2024 को निलंबित करवा दिया था। निलंबन पश्वात हमारी बहाली बिजौर संकुल से अलग 09/12/2024 को शा० प्रा० शाला तोरवा एवं शा० प्रा० शाला बापूनगर विकास खण्ड बिल्हा में हुआ।

शिक्षिका का आरोप है कि दोष पूर्ण जाँच प्रक्रिया एवं निलंबन की कार्यवाही के विषय में हमनें कलेक्टर को पूनः निष्पक्ष जाँच हेतु आवेदन किया था। जिस पर विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी बिल्हा द्वारा बहतराई हायर सेकडरी स्कूल के प्रचार्य को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया।

जबकि हमनें पूर्व पत्र में माँग किया था कि जाँच बिल्हा ब्लॉक के अधिकारियों को छोड़कर किसी अन्य ब्लॉक अथवा जिला स्तर के अधिकारियों द्वारा निष्पक्ष जाँच कराई जाए। किन्तु बिजौर संकुल के अंतर्गत आने वाले बहतराई स्कूल के प्राचार्य को ही जाँच अधिकारी बना दिया गया।

(CAC मनोज सिंह ठाकुर बिजौर)

शिक्षिका का आरोप है कि जिस संकुल के समन्वयक के खिलाफ हमनें जाँच की माँग की थी। उसी संकुल के प्राचार्य द्वारा जाँच में शामिल होनें से निष्पक्ष जाँच पर संदेह होना स्वाभाविक है।

शिक्षिका का कहना है कि बिल्हा ब्लॉक को छोड़कर अन्य किसी भी ब्लॉक अथवा जिला स्तर के अधिकारियों से निष्पक्ष जाँच कराया जाय।

हालांकि बिजौर के संकुल समन्वयक मनोज सिंह ठाकुर के खिलाफ समग्र शिक्षा बजट के नाम पर संकुल खाते में आई राशि का फ़र्जी बिल और गड़बड़ी की शिकायत शिक्षा मंत्री एवं कलेक्टर बिलासपुर सहित तमाम उच्च अधिकारियों से की गई है।

बिजौर के संकुल समन्वयक मनोज सिंह ठाकुर का नाम दिव्यांग सूची में भी था जिसकी जानकारी मीडिया और अधिकारियों को होने पर उन्होंने खुद को सामान्य पद पर नियुक्ति होना बतलाया। सवाल यह कि उनका नाम फिर दिव्यांग सूची में कैसे आया!

बहरहाल छत्तीसगढ़ के न्यायधानी बिलासपुर में एक महिला शिक्षिका का न्याय के लिए लड़ना ही उन महिला शिक्षिकाओं के लिए प्रेरणा बन सकता है जो प्रताड़ित होकर भी मौन हैं, क्योंकि उन्होंने एक संकुल समन्वयक द्वारा किए गए प्रताड़ना का पुरजोर विरोध किया है और आज भी शासन, प्रशासन में जिम्मेदार ओहदे पर बैठे अधिकारियों को पत्र लिखकर न्याय के लिए निष्पक्ष जांच की मांग कर रही हैं और उन्हें उम्मीद है कि सत्य परेशान हो सकता है लेकिन पराजित नहीं।

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