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बिना विभागीय अनुमति परिपक्व 35 से 40 वृक्षों की अंधाधुंध कटाई…रेंजर को कारण बताओ नोटिस जारी।

रेंजर के मौखिक आदेश पर हरे भरे पेड़ो की कटाई …आखिर क्यों काट दिए गए बेशकीमती पेड़ …क्षेत्रवासियों ने उठाया सवाल …वन अधिकारियों से हुई शिकायत अब हो रही कार्यवाही की बात।

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अजीत यादव की कलम से…

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खासखबर छत्तीसगढ़ बिलासपुर/मुंगेली उप वन मंडला अधिकारी वन विभाग मुंगेली के रेंजर द्वारा 35-40 परिपक्व हरे भरे वृक्षों की कटाई का मामला सामने आया है जिसमें रेंजर पर गंभीर आरोप लगाया गया है आरोप है कि रेंजर नें बिना कलेक्टर और विभागीय अनुमति के परिपक्व वृक्षों को कटवाया है उप मंडला अधिकारी ने नोटिस जारी कर रेंजर से स्पष्टीकरण मांगा है।

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उपरोक्त परिपक्व वृक्षों की अंधाधुंध कटाई के मामले पर भवानी महराज के द्वारा बताया गया कि पंडरिया रोड पर लगे वृक्ष को वन विभाग के रेंजर प्रबल दुबे के द्वारा बिना कोई परमिशन के बिजातराई पंचायत के मेनरोड पर लगे हरेभरे वृक्ष को कटवाया गया हैं। उनका कहना है कि वृक्ष की कटाई अगर करना होता है तो अपने रेंजर को अपने सिनियर अधिकारी से लिखित आदेश और शासन की आदेशानुसार काम करना होता हैं पर यहां तो रेंजर नें ना तो अपने सिनियर अधिकारी से पुछना जरूरी समझा और नहीं ही कलेक्टर आफिस से आदेश लेना जरूरी समझा। इससे साफ जाहिर होता हैंं की ऐसे लापरवाही अधिकारी अपनी मनमानी करते हुए शासन की सभी नियमों की धज्जियां उड़ाते हैंं।

रेंजर की मनमानी से नाराज गामीण के द्वारा इस विषय पर उच्च अधिकारी को फोन कर अवगत कराया गया तब अधिकारी मौके पर जाकर वृक्ष को कटवाने से मना किया और रेंजर को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया।

इससे साफ जाहिर होता हैं विभाग की मौन स्वीकृति और अधिकारियों की मिलीभगत से सब काम होता है मामला उजागर होने पर खानापूर्ति के लिए नोटिस जारी कर लापरवाह रेंजर को बचाने की कवायद की जा रही है नहीं तो इस अपराध के लिए तत्काल निलंबित किया जाता फिर पूरे मामले की निष्पक्षता से जांच की जाती।

वहीं इस मामले मे जब प्रभारी डीएफओ निशांत कुमार एवं एसडीओ गणेश यू आर से जानकारी लिया गया तो उन्होंने भी माना कि रेंजर प्रबल दुबे के द्वारा लापरवाही तो किया गया हैं जिसके कारण उसे नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।

नोटिस जारी

चातरखार से बीजातराई मार्ग का मौका निरीक्षण करने पर यह पाया गया कि आपके द्वारा उक्त मार्ग के लगभग 35-40 नग
विभिन्न प्रजाति के वृक्षों की कटाई कराया जा चुका है। उक्त मार्ग दोनो किनारे वृक्षों का विदोहन-परिवहन की अनुमति हेतु कलेक्टर मुंगेली से विभाग को अप्राप्त है। ऐसी स्थिति में कलेक्टर मुंगेली एवं विभाग के बिना अनुमति व सूचना के आपके द्वारा उक्त मार्ग के वृक्षों की कटाई करवाना शासकीय कार्य में स्वेच्छाचारिता एवं घोर लापरवाही
को दर्शाता है, जिसके लिए आप अनुशासनात्मक कार्यवाही के भागी बन सकते है।
अतः तत्संबंध में अपना स्पष्टीकरण दिवस के भीतर अधोहस्ताक्षरकर्ता के कार्यालय में उपस्थित होकर अनिवार्य रूप से देवें । निर्धारित समयावधि में प्रत्युत्तर प्रस्तुत नहीं किये जाने एवं जवाब संतोषजनक नही पाये
जाने पर आपके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही हेतु उच्चाधिकारी को लेख किया जावेगा जिसके लिए आप स्वयं
जिम्मेदार होंगे।
आपको निर्देशित किया जाता है कि कलेक्टर मुंगेली एवं विभाग के बिना अनुमति के चातरखार से बीजातराई मार्ग के वृक्षों की कटाई न किया जायें। इसे सर्वोच्च प्राथमिकता दिया जावें।

अब देखने वाली बात होगा की इतनी बड़ी लापरवाही रेंजर के द्वारा किया गया हैं इस पर उच्च अधिकारियों कितनी गम्भीरता से लेते हुए जांच कर कार्यवाही करते हैंं।

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