बिलासपुर

परंपरागत निर्माण को अलविदा, इंजीनियरिंग में नया प्रयोग – प्लास्टिक और रसायन उपचारित काली मिट्टी अब बनेगी सबसे मजबूत सड़क का हिस्सा। (अभियंता दिवस पर स्पेशल)

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डामर में प्लास्टिक वेस्ट और मिट्टी को रसायनों से उपचारित करने की तकनीक पर मुंगेली में ट्रायल,

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41 साल की उम्र में प्रभारी मुख्य अभियंता बने वरुण राजपूत

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खबर खास छत्तीसगढ़ बिलासपुर। बीते कुछ सालों से सड़क निर्माण की तस्वीर अब तेजी से बदल रही है। गिट्टी, मुरुम और रेत जैसी पारंपरिक सामग्री पर निर्भरता कम करने के लिए इंजीनियरिंग के क्षेत्र में नित नए प्रयोग किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में अब काली मिट्टी को रसायनों से उपचारित कर सड़क निर्माण में उपयोग करने के साथ-साथ डामर में प्लास्टिक वेस्ट मिलाने की तकनीक पर भी काम चल रहा है।

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अभियंता दिवस पर विशेष बातचीत में प्रभारी मुख्य अभियंता वरुण राजपूत ने बताया कि नया भारत सड़क निर्माण में केवल पारंपरिक तरीकों पर निर्भर नहीं है। आधुनिक तकनीक के जरिए कम संसाधनों में बेहतर और टिकाऊ सड़क बनाने की दिशा में लगातार प्रयास हो रहे हैं। भारतमाला जैसी बड़ी परियोजनाओं में सुरंगों और जटिल संरचनाओं का निर्माण इसी बदलते स्वरूप का उदाहरण है।

काली मिट्टी होगी उपयोगी, लागत भी घटेगी
राजपूत ने बताया कि छत्तीसगढ़ में काली मिट्टी की बहुलता एक बड़ी चुनौती है। इस मिट्टी को रसायनों से उपचारित कर उसकी क्षमता बढ़ाने का प्रयोग किया जा रहा है। इसका उद्देश्य स्थानीय स्तर पर उपलब्ध सामग्री का बेहतर उपयोग कर सड़क निर्माण में प्राकृतिक संसाधनों के खनन को कम करना है। इसके साथ ही डामर में प्लास्टिक वेस्ट मिलाने की तकनीक पर भी प्रयोग जारी है। इससे एक तरफ प्लास्टिक के निस्तारण के साथ सड़क निर्माण में पारंपरिक सामग्री की खपत कम होने की उम्मीद है और निर्माण लागत में भी कमी आएगी। फिलहाल कुछ सड़कों पर इस तकनीक का परीक्षण किया जा रहा है और मुंगेली क्षेत्र में इस तकनीक से निर्माण कार्य जारी है।

41 की उम्र में मुख्य अभियंता (प्रभारी)
वरुण राजपूत का चयन वर्ष 2008 में छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग के माध्यम से ग्रामीण यांत्रिकी सेवा में सहायक अभियंता के पद पर हुआ था। इसके बाद उन्होंने विभिन्न विभागों में जिम्मेदारी संभालते हुए अपने करियर में आगे बढ़ते गए। वर्ष 2012 से 2016 तक उन्होंने कोरबा और बिलासपुर में कार्यपालन अभियंता के रूप में सेवाएं दीं। इसके बाद 2016 से 2022 तक मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में कार्यपालन अभियंता की जिम्मेदारी निभाई। वर्ष 2022 से 2026 तक वे रायपुर में अधीक्षण अभियंता के पद पर पदस्थ रहे। वर्ष 2026 में उन्हें मुख्य अभियंता प्रभारी का दायित्व सौंपा गया। 41 वर्ष की उम्र में इस पद तक पहुंचना उनके करियर की उल्लेखनीय उपलब्धि मानी जा रही है।

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