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शिक्षा के मंदिर में “दारू और मुर्गा पार्टी,”तीसरा शिक्षक भी सस्पेंड…।

खबर खास छत्तीसगढ़ बिलासपुर।जिला शिक्षा विभाग के विकास खण्ड शिक्षा कार्यालय मस्तूरी अंतर्गत संचालित संकुल केंद्र मानिकचौरी में सरकारी स्कूल जनपद प्राथमिक पाठशाला रहटाटोर से खबर सोशल मीडिया में वीडियो के रूप में आई कि सामाजिक अंकेक्षण के दौरान यहाँ स्कूल में शिक्षकों द्वारा दारू मुर्गा पार्टी किया गया था। वीडियो में बच्चे बता रहे हैं कि प्रधान पाठक और शिक्षक शराब पीकर स्कूल आते हैं और बच्चों के साथ बेवजह तब तक मारपीट करते हैं जब उनके आँखों से आँसू ना बह जाए। यह एक बहुत ही गंभीर और चिंताजनक स्थिति है। यदि कोई शिक्षक स्कूल में शराब और मुर्गा पार्टी कर रहा है, तो यह न केवल अनुशासनहीनता है, बल्कि यह छात्रों के लिए भी एक गलत उदाहरण पेश करता है।

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पाठकों की जानकारी के लिए बता दें कि जनपद प्राथमिक शाला रहटाटोर विकास खण्ड शिक्षा कार्यालय मस्तूरी से लगभग 35 किलोमीटर मीटर तथा जिला मुख्यालय से 55 किलोमीटर दूर है यहाँ लगभग 146 बच्चे दर्ज हैं यहाँ शिक्षकों की संख्या 1+3 थी घटना के बाद दो शिक्षक ही बचे हैं। यह स्कूल संकुल केंद्र मानिकचौरी में आता है और यहाँ के संकुल समन्वयक विनोद लहरे है उन्होंने बताया कि घटना के दिन यहाँ अवलोकन करने नहीं आए थे। मतलब साफ है कि यदि वीडियो सोशल मीडिया में वायरल नहीं हुआ होता तो शायद स्कूल में शिक्षकों द्वारा की गई दारु मुर्गा पार्टी की खबर भी कभी स्कूल से निकल कर बाहर नहीं आती।

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22 अक्टूबर 25 को जाँच उपरांत कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी बिलासपुर, छत्तीसगढ़ से एक आदेश जारी किया गया जिसका कमांक/13214/ शिका.जांच 2025 बिलासपुर, दिनांक 22/10/2025 के अनुसार राजेश्वर सिंह मरावी प्रधान पाठक (एल.बी.) शासकीय प्राथमिक शाला रहटाटोर, वि.ख.मस्तूरी, जिला बिलासपुर के द्वारा सामाजिक आंकेक्षण के दौरान शास. प्राथमिक शाला रहटाटोर वि.ख.-मस्तुरी बिलासपुर में मदिरापान एवं मांसाहार सेवन करने का विडियों वायरल हुआ है। वायरल विडियो का विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी मस्तूरी एवं जॉच समिति के द्वारा की गई जांच प्रतिवेदन में भी उक्त घटना की सत्यता की पुष्टि की गई है।

अतएव राजेश्वर सिंह मरावी प्रधान पाठक (एल.बी.) का उक्त कृत्य शासकीय सेवक एवं शिक्षिकीय गरिमा के प्रतिकूल एवं छ०ग० सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 03 विपरीत होने के कारण राजेश्वर सिंह मरावी प्रधान पाठक (एल.बी.) को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है। राजेश्वर सिंह मरावी प्रधान पाठक का निलंबन काल मे मुख्यालय, प्राचार्य, शास.उ.मा.वि. ओखर वि.ख.मस्तूरी में रहेगा एवं उन्हे नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी। यह आदेश तत्काल प्रभावशील होगा।

अब जरा इन बच्चों की पीड़ा भी सुन लीजिए सरकार, क्योंकि जिम्मेदार तो सिर्फ़ कागज़ी कार्यवाही कर अपना पल्ला झाड़ने में लगे हैं बच्चे कहते हैं कि इन्हें पढ़ाने वाले शिक्षक शराब पीकर स्कूल आते हैं, स्कूल में गुटखा खाते हैं, बेवजह गन्दी गंदी गालियाँ देते हैं इतना ही नहीं बेवजह तब तक पीटते हैं जब तक आँखों से आँसू ना बरस जाएँ। सरपंच से पालकों नें शिकायत भी की थी लेकिन सरपंच ने भी यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि शिक्षकों को निकाल दिया जाता है तो इन बच्चों को पढ़ाएगा कौन?

मस्तूरी विकास खण्ड के विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी टंडन ने बताया कि विडियो सोशल मीडिया में 21 अक्टूबर को वायरल हुआ है ऐसा जाँच टीम के बयान में आया है लेकिन घटना 7 अक्टूबर 25 की बतलाई जा रही है। यह भी जाँच का विषय है।

आज संयुक्त संचालक बिलासपुर नें तीसरे शिक्षक को भी सस्पेंड कर दिया है। मामला गंभीर है।

फ़िलहाल सरकार बच्चों की शिक्षा के नाम पर करोड़ों रुपए खर्च कर रही है दूसरी ओर इस घटना और बच्चों के वाइरल वीडियो नें शिक्षा विभाग की मॉनिटरिंग के लिए जिम्मेदारों पर सवाल खड़े कर दिया है बच्चों की शिक्षा के नाम पर या आड़ में जो हो रहा है वह लापरवाही नहीं सीधा सीधा धोखा है शिक्षा के नाम पर कलेक्टर, जिला शिक्षा अधिकारी और विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी के आंखों पर धूल झोंका जा रहा है। ऐसे मामलों का उजागर होना एक गंभीर चेतावनी है अगर समय पर ठोस कदम नहीं उठाए गए तो सरकारी शिक्षा विभाग अंदर से खोखला हो जाएगा। सरकार की शिक्षा गुणवत्ता को लेकर चलाए जा रहे अभियान और कलेक्टर की टीएल बैठक में शिक्षा विभाग द्वारा पेश किए जा रहे आंकड़े इस घटना के बाद बेमानी और कागजी साबित हो रहे हैं सरकार की किरकिरी हो रही है,जरूरत है ऐसे सरकारी स्कूलों को चिन्हित करनें की, जहाँ शिक्षक के नशे करने की शिकायत मौखिक/लिखित बार बार आ रही हो और शिक्षा का स्तर साल दर साल गिरता जा रहा है बच्चों का भविष्य अंधकार में जा रहा हो, इन स्कूलों में विशेष तौर से नजर रखी जाए प्रतिदिन की रिपोर्ट ली जाए ताकि ऐसे शिक्षक भविष्य में कोई गलती नहीं करें।

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