बिलासपुर

वो पटवारी है कौन…जो कहता था मैं हूँ डॉन! मैं हूँ डॉन! मैं हूँ डॉन!

खासखबर छत्तीसगढ़ बिलासपुर। राजस्व विभाग में खुद को सबसे बड़ा डॉन समझने वाले एक पटवारी के ऊपर यह कहावत सटीक बैठती है कि “भई गति सांप छूछुन्दर केरी।”मतलब ऐसी परिस्थिति में फंस जाना जिससे ना तो निकलते बने ना सुलझते बने।

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खुद को सबसे बड़ा डॉन समझने वाले पटवारी की कार्यप्रणाली को लेकर मीडिया के कुछ पत्रकारों ने अपने खबरों के माध्यम से शासन प्रशासन को अनेकों बार आगाह किया लेकिन कोई प्रशासनिक कार्यवाही नहीं होने से लगने लगा था कि डॉन पटवारी का शासन प्रशासन को अपनी जेब में लेकर चलने का दावा सच साबित होता नजर आनें लगा था।

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साम दाम दंड भेद में महारत डॉन पटवारी के विषय में अक्सर यह कहा और सुना जाता था कि शासन प्रशासन में मेरी मर्जी के खिलाफ मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता और यदि मेरा कुछ बिगड़ा तो सब की पोल खोल कर रख दूंगा।

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डॉन पटवारी के कार्यकाल में सरकारी जमीन पर कब्जा, अवैध प्लाटिंग,नामांतरण जैसे कार्यों की शिकायतों का अंबार लग रहा था। अब लोगों ने भी मान लिया था कि राजस्व विभाग का ये डॉन पटवारी बड़ा रसूखदार है इस पर कार्यवाही करने से अधिकारी भी डरते हैं।

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कहते हैं इस डॉन पटवारी की शिकायत तहसीलदार, एसडीएम, कलेक्टर विधायक और मंत्री तक की जाती थी लेकिन कोई कार्यवाही नहीं होने से लोगों को उसके डॉन होने के दावे पर पर “भरोसा” होने लगा था।

सुनने में तो ऐसा भी आता था कि डॉन पटवारी द्वारा “नामांतरण” जैसे काम का चेहरा देखकर दाम लगाया जाता था। पटवारी कार्यालय में पटवारी कम और उसके सहायक ज्यादा बैठे मिलते थे। पूरा काम फोन पर ही किया जाता था।

पीड़ित लोग पटवारी पर आरोप लगाते हुए कहा करते थे कि उसके द्वारा कभी भी कोई काम समय पर नहीं किया जाता था ना ही फोन उठाता,ना कभी कार्यालय में मिलता काम के विषय पर सवाल करने पर बस हो जाएगा कह कर आज कल कह परेशान किया करता।

एक शख्स ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बतलाया कि एक वीडियो में मैंने देखा कि पटवारी कह रहा है कि मैं हूँ डॉन मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता मेरा कुछ बिगड़ा तो सबकी पोल खोल कर रख दूँगा!

उड़ती उड़ती खबर है जो डॉन पटवारी के तबादले से जोड़ कर देखी जा रही है कहते हैं कि एक कलेक्टर के स्टेनों को किसी जमीन के काम के संबंध में डॉन पटवारी नें पहले चार पांच महीने चक्कर लगवाया फिर एक मोटी रकम ली और लेने के बाद भी काम नहीं किया। डॉन पटवारी की हरकत से नाराज स्टेनों नें कलेक्टर से शिकायत कर दी। डॉन पटवारी का यह कृत्य तमाम पेंडिंग शिकायतों पर मुहर लगाने जैसा रहा, परिणाम आपके सामने है।

डॉन पटवारी के जाते ही बड़े बड़े भूमाफियाओं, बिल्डर्स और उनके इर्दगिर्द रहने वाले समर्थकों जिन्होंने डॉन पटवारी के भरोसे अपना सब कुछ दांव पर लगा रखा था होश उड़ गए हैं।

बाजार में उड़ती हुई खबरें कुछ ऐसी भी है कि डॉन पटवारी और कुछ भूमाफियाओं के बीच किसी जमीन को लेकर विवाद की स्थिति निर्मित होने से ही प्रशासन को यह कदम उठाना पड़ा।

अब सच्चाई चाहे जो भी हो, डॉन पटवारी को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है और लोगों को भी खुलासे किए जाने का इंतजार है!

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