शासन का आदेश कचरे में! BEO बिल्हा द्वारा किया गया अटैचमेंट पत्र वायरल…जानें क्या है पूरा मामला

खबर खास छत्तीसगढ़ बिलासपुर। छत्तीसगढ़ शासन ने पूरे प्रदेश में शिक्षा विभाग में शिक्षा व्यवस्था सुधारने के लिए एक ऐतिहासिक आदेश जारी किया था – सभी शिक्षकों/कर्मचारियों के अटैचमेंट और प्रतिनियुक्ति तत्काल प्रभाव से समाप्त कर सभी को मूल शाला में भेजा जाए। बिलासपुर जिले में भी 62+ शिक्षकों/कर्मचारियों को वापस भी भेज दिया गया। लेकिन विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी, बिल्हा को शायद ये शासन का आदेश मंजूर नहीं।

इसका सबसे बड़ा सबूत है कार्यालय विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी बिल्हा का पत्र क्रमांक 1767/2026/बिल्हा, दिनांक 20/08/2026
क्या लिखा है इस विवादित पत्र में?
इस पत्र में BEO बिल्हा ने प्रधान पाठक, शा. पूर्व मा. शाला अकलतरी, बिलासपुर को आदेश दिया है कि –
“इस विकासखण्ड में दिनांक 27.08.2026 से महालेखाकार की ऑडिट पार्टी आ रही है। ऑडिट में सहयोग हेतु अनुभवी कर्मचारी श्री केशव कुमार भारद्वाज की आवश्यकता है। अतः उक्त कार्य हेतु श्री केशव कुमार भारद्वाज को इस कार्यालय हेतु कार्यमुक्त करें। संबंधित उक्त अवधि में VSK एप में OD पर रहेंगे।”
मतलब साफ है – शासन कह रहा है अटैचमेंट खत्म करो और BEO साहब नया अटैचमेंट आदेश निकाल रहे हैं!
ये है शासनादेश की खुली अवहेलना
- शासन का आदेश: DPI और मंत्री का स्पष्ट आदेश – कोई भी शिक्षक/कर्मचारी अटैच नहीं रहेगा, चाहे किसी भी काम के लिए।
- BEO का कारनामा: ऑडिट के नाम पर एक कर्मचारी को स्कूल से उठाकर ऑफिस में VSK एप और OD पर रखना। ये अटैचमेंट नहीं तो क्या है?
- स्कूल का नुकसान: अकलतरी स्कूल प्रबंधन क्या जब उनका कर्मचारी बिल्हा BEO ऑफिस में बिल रजिस्टर और कैश बुक मिलाएगा?
- क्या BEO नें अपने उच्च अधिकारियों का मार्गदर्शन के लिए कोई पत्र लिखा!
दोहरा चरित्र उजागर
एक तरफ URC वासुदेव पाण्डेय जैसे शिक्षक 2024 की प्रतिनियुक्ति के आड़ में जमे हैं, दूसरी तरफ 20 अगस्त 2026 को नया अटैचमेंट आदेश निकाल दिया गया। इससे साफ होता है कि बिल्हा ब्लॉक में शासन के आदेश को बेख़ौफ़ ठेंगा दिखाया जा रहा है।
शिक्षकों का कहना है कि ऑडिट का काम तो बाबू और लेखापाल का है,कर्मचारी का नहीं। फिर कर्मचारी को OD पर क्यों?क्या बिल्हा BEO कार्यालय में कर्मचारियों का दुकाल है।
बुद्धिजीवी वर्ग का सवाल – जब शासन ने अटैचमेंट समाप्त कर दिया है तो BEO बिल्हा को किसने अधिकार दिया कि वो नया अटैचमेंट आदेश जारी करें? क्या कलेक्टर बिलासपुर और जिला शिक्षा अधिकारी इस पत्र को संज्ञान में लेकर इसे निरस्त करेंगे या ऐसे ही शासन के आदेश की धज्जियां उड़ती रहेंगी?
सुलगते सवाल
URC वासुदेव पांडेय सूचना के अधिकार के तहत बतौर जनसूचना अधिकारी जानकारी मांगे जाने पर जानकारी नहीं दे रहे वही प्रथम अपील में भी अपीलीय अधिकारी के आदेश पर भी जानकारी नहीं दे रहे आखिर क्या और क्यों छिपा रहे वासुदेव? क्या किसी विधायक का वरदहस्त लेकर शासन के नियमों को कर रहे नजरअंदाज!





