जनप्रतिनिधि की जागरूकता रंग लाई…स्कूल बंद की फ़ोटो भेजते ही बीईओ नें जारी किया कारण बतलाओ नोटिस… 3 दिन में मांगा जवाब!

खबर खास छत्तीसगढ़ बिलासपुर/कोटा। सरकारी स्कूल और सरकारी शिक्षा पर सरकार की नई शिक्षा नीति और जारी आदेश का प्रभाव दुरांचल ग्रामीण क्षेत्र में स्थित सरकारी स्कूल और स्कूल में पदस्थ शिक्षकों पर कितना पड़ा है इसकी बानगी देखने को कोटा विकास खण्ड शिक्षा कार्यालय अंतर्गत संचालित प्राथमिक शाला नगचुई संकुल केंद्र मनपहरी में मिला।

शिकायतकर्ता रामविलास यादव बतलाते हैं कि नए स्कूल सत्र से ही नगचुई में पदस्थ दोनों शिक्षक एक प्रभारी प्रधान पाठक सुधीर मानिकपुरी और चंद्र प्रकाश तिवारी समय पर स्कूल नहीं आते हैं हां लेकिन समय से पहले स्कूल बंद करके चले जरूर जाते हैं। उन्हें लगता है कि नगचुई प्राथमिक शाला में पदस्थ शिक्षकों को बच्चों के भविष्य मतलब अध्यापन कार्य से मतलब नहीं। क्योंकि पढ़ाई जीरो है।
उन्होंने विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी गोपाल कृष्ण दुबे को फोन कर बतलाया कि नगचुई प्राथमिक शाला समय पूर्व बंद कर दिया गया है बच्चों को छुट्टी दे दी गई है आप चाहे तो वीडियो कॉल कर इस बात की पुष्टि कर सकते हैं फिर उन्होंने नोटकैम कैमरे से फोटो खींच कर भेज दिया। BEO गोपाल कृष्ण दुबे ने भी जल्द जाँच कराने का आश्वासन दिया लेकिन शोकॉज नोटिस जारी कर भूल गए।
लेकिन शिकायतकर्ता रामविलास यादव की मानें तो नोटिस के 1 महीने बाद भी समय पर शिक्षक स्कूल नहीं आते और स्कूल का दरवाजा या तो बच्चे खोलते हैं या फिर सफाई कर्मी और समय से पहले बंद हो जाता है ऐसा आरोप रामविलास यादव ने लगाया है।
शा.प्रा.शाला नगचुई, फोटो में

कोटा विकासखंड के शासकीय प्राथमिक शाला नगचुई में शिक्षकों की लापरवाही उजागर करनें में एक जनप्रतिनिधि नें महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए 08 जुलाई 2026 को दोपहर 3:00 बजे शाला बंद की तस्वीर शिकायत के रूप में विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी कोटा के मोबाईल पर भेज दी। विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी कोटा ने प्रधानपाठक को नोटिस जारी कर 3 दिन में जवाब मांगा था। लेकिन आज 11 अगस्त 2026 हो जाने के बाद भी प्रधान पाठक और शिक्षक के कार्यप्रणाली में कोई सुधार नजर नहीं आता।

एक जनप्रतिनिधि की शिकायतों का सफर बीईओ,डीईओ कार्यालय की चौखट से निकल कर लोकतंत्र के चौथे स्तंभ तक पहुँच रही है बावजूद इसके शिक्षकों पर कार्यवाही का शून्य होना कई गंभीर सवाल खड़े करता है।
पाठकों को बता दें कि बंद गेट: दोपहर 3:25 बजे शाला का मेन गेट बंद था और परिसर में सन्नाटा था। फोटो में समय और लोकेशन NoteCam से अंकित है।
BEO ने क्या कहा
BEO कार्यालय कोटा के पत्र क्र. 688/स्था./2026 दिनांक 09/07/2026 में लिखा है:
“दिनांक 08.07.2026 को दोपहर 03:00 बजे शाला बंद कर दी गई। यह कृत्य सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के विपरीत है। 3 दिवस में स्पष्टीकरण दें, अन्यथा अनुशासनात्मक कार्रवाई हेतु उच्च कार्यालय भेजा जाएगा।”
हमनें नगचुई प्राथमिक शाला में पदस्थ दोनों शिक्षकों से फोन पर सम्पर्क साध उनका पक्ष जानना चाहा किंतु चंद्र प्रकाश तिवारी से ही बात हुई उन्होंने बताया कि वह 8/7/2026 को स्कूल से निकल कर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय बिलासपुर गए थे इस बात की जानकारी प्रधान पाठक मानिकपुरी को थी। फिलहाल प्रधान पाठक से बात नहीं हो पाई।
अभिभावकों में आक्रोश
ग्राम नगचुई में स्थापित प्राथमिक शाला में पढ़ रहे बच्चों के अभिभावकों का कहना है कि शिक्षक रोजाना समय पर स्कूल नहीं आते लेकिन समय से पहले शाला जरूर बंद कर देते हैं। इससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी और कलेक्टर से सख्त कार्रवाई की मांग की है।
मांग
अभिभावकों और ग्रामीणों ने मांग की है कि:
- दोषी शिक्षकों पर तत्काल कार्रवाई हो।
- क्योंकि स्कूल में पदस्थ शिक्षक समय पर स्कूल ही नहीं आते,सफाईकर्मी स्कूल खोलता है।
- संकुल समन्वयक हीरा सिंह टंडन मनपहरी से नियमित निरीक्षण कराया जाए।
- समय समय पर विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी भी मौका मुआयना करें।
- अध्यनरत बच्चों की पढ़ाई का स्तर अधिकारी स्वयं जाँच करें।
बहरहाल सरकारी शिक्षा की बदहाली किसी से छुपी नहीं है दूर दराज स्कूलों में सरकार का तंत्र फेल नजर आ रहा है हालात कारण बतलाओ नोटिस जारी किए जाने तक ही सिमट कर रह गया है शिक्षक बेखौफ होते जा रहे हैं जरूरत है सरकार को गंभीरता से सोचनें कि की कमजोर आर्थिक वर्ग के बच्चों को बेहतर शिक्षा के माध्यम से उज्ज्वल भविष्य निर्माण का अवसर कैसे मिलेगा?
एक जागरूक जनप्रतिनिधि द्वारा शिक्षकों पर पदीय दायित्वों का सही ढंग से निर्वहन ना करनें का आरोप लगाया जा रहा है सिविल सेवा आचरण नियमों के तहत कार्यवाही की मांग की जा रही है ताकि नवनिहालों का भविष्य गढ़ने का शपथ लेकर नौकरी ज्वॉइन करनें वाले शिक्षकों को भी सबक मिले और भविष्य में इस तरह के हालात दुबारा ना सामने आए।





