खनिज अधिकारी के लिए अपर कलेक्टर का अपीलीय आदेश और कलेक्टर से शिकायत भी बेअसर साबित हो रहा। आखिर जानकारी क्यों छुपा रहे हैं खनिज अधिकारी!

“अपर कलेक्टर का आदेश, कलेक्टर से शिकायत, फिर भी मौन है खनिज विभाग का PIO: RTI में मनमानी जारी”

“कार्यालय रिनोवेशन में 10 साल के खर्च की जानकारी मांगने पर RTI आवेदक को घुमाया, अपीलीय आदेश के बाद भी निःशुल्क जानकारी नहीं दी”

“सिविल सेवा आचरण नियम को ताक पर रखकर RTI में बरत रहे लापरवाही: बिलासपुर खनिज शाखा पर गंभीर सवाल”

खबर खास छत्तीसगढ़ बिलासपुर। 30 जुलाई 2026
सरकार की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लाने तथा भ्र्ष्टाचार की रोकथाम की दिशा में एक हथियार माना जाता है RTI को,ठीक इसके विपरीत जिला खनिज विभाग के जन सूचना अधिकारी द्वारा सूचना के अधिकार अधिनियम की खुलेआम धज्जियां उड़ाने का मामला सामने आया है। कार्यालय कलेक्टर (खनिज शाखा) बिलासपुर के जन सूचना अधिकारी ने न तो अपर कलेक्टर के आदेश का पालन किया और न ही कलेक्टर से शिकायत के बाद कोई सुधार नजर आया है। नतीजा – RTI आवेदक आज भी 10 साल के कार्यालय रिनोवेशन व मेंटेनेंस में हुए सरकारी खर्च की जानकारी के लिए भटक रहा है।

क्या है पूरा मामला
RTI आवेदक ने 27.04.2026 को खनिज शाखा से वर्ष 2016 से 2026 तक किए कार्यालय में किए रिनोवेशन कार्यों की जानकारी मांगी थी:
- पार्टीशन/कक्ष निर्माण – कमरों की संख्या, आकार और खर्च
- AC – संख्या, क्षमता, खरीद और स्थापना का खर्च
- रंग-रोगन – सामग्री और उस पर हुआ खर्च
साथ में टेंडर, ठेकेदार और बजट की कॉपी और बिल वाउचर भी मांगी।
लेकिन खनिज विभाग के जन सूचना अधिकारी ने 30 दिन में न जानकारी दी, न शुल्क पत्र भेजा। मजबूरन आवेदक ने 03.06.2026 को अपर कलेक्टर के यहां प्रथम अपील दाखिल कर दी। लेकिन प्रकरण की सुनवाई दिनाँक को खनिज विभाग से कोई सुनवाई में नहीं आया। मतलब अपीलीय अधिकारी जो अपर कलेक्टर हैं उनके द्वारा की जा रही सुनवाई में उपस्थित होना जरूरी नहीं समझा गया।
अपर कलेक्टर ने आदेश में लगाई फटकार
प्रथम अपीलीय अधिकारी ज्योति पटेल, अपर कलेक्टर ने 01.07.2026 को आदेश पारित किया। आदेश में कहा गया कि “PIO द्वारा समय-सीमा में कोई जानकारी नहीं दी गई, जो RTI अधिनियम का उल्लंघन है।”
आदेश में PIO को निर्देशित किया गया कि 10 दिन के भीतर आवेदक को निःशुल्क जानकारी दें और भविष्य में ऐसी त्रुटि न करें, अन्यथा RTI अधिनियम के तहत अनुशासनात्मक कार्यवाही होगी। आदेश की प्रति 02.07.2026 को जारी हुई।
दस दिन के इंतजार के बाद भी खनिज विभाग के जन सूचना अधिकारी के कानों में जूं तक नहीं रेंगी। वाह रे खनिज अधिकारी आदेश की अवहेलना करना कोई इनसे सीखे, ऐसे में पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत करने की उम्मीद ही नहीं।
कलेक्टर शिकायत के बाद भी मनमानी
इंतजार के बाद आवेदक ने बड़ी उम्मीद से कलेक्टर बिलासपुर से भी लिखित शिकायत की,लेकिन शिकायत और अपीलीय आदेश के बाद भी खनिज शाखा से इस मामले में अब तक कोई जानकारी नहीं मिली है।
आवेदक का आरोप है कि “जब अपर कलेक्टर का आदेश और कलेक्टर शिकायत के बाद भी PIO को सिविल सेवा आचरण नियम से कार्यवाही का डर नहीं है, तो आम जनता कहां जाएगी? यह RTI कानून का मजाक है।”कलेक्टर बिलासपुर खनिज प्रमुख हैं उनको ऐसे में संज्ञान लेना चाहिए।
क्या कहता है कानून
RTI विशेषज्ञों के अनुसार धारा 7, 19 और 20 का उल्लंघन होने पर PIO पर 25000 रु तक जुर्माना और अनुशासनात्मक कार्यवाही हो सकती है। अब आवेदक राज्य सूचना आयोग में द्वितीय अपील के साथ धारा 20 के तहत दंड की मांग करेगा।
बहरहाल RTI की अपीलीय आदेश और कलेक्टर से शिकायत जैसे मामले में “दो-दो बड़े अधिकारियों के आदेश की खुलेआम अवहेलना खनिज विभाग द्वारा किया जाना समझ से परे है।”देखना होगा कि न्यायधानी के नाम से जाना जाने वाला बिलासपुर जिला में RTI का पालन कराने कलेक्टर बिलासपुर कोई ठोस कदम उठाने कोई निर्देश खनिज विभाग के जिम्मेदार अधिकारी को देते हैं या फिर यह मामला आगे चलकर जिला की लचर व्यवस्था पर उठते सवाल खड़े कर सुर्खियां बटोरेगा!
सुलगते सवाल
कलेक्टर कार्यालय के ठीक पीछे स्थित खनिज कार्यालय में किए जाने वाला रिनोवेशन में हुआ लाखों रुपए का खर्च कौन दे रहा है, सरकार या ठेकेदार?
क्रमशः …….





