Uncategorizedबिलासपुर

DEO साहेब…सरकारी स्कूल का हाल बेहाल…स्कूल में पदस्थ हैं 32 शिक्षक, प्रार्थना कराते 5…बाकी 27 निकले मनमौजी? करा लीजिए जांच?

img-20260814-wa00504372104065216457982.jpg
img-20260814-wa00496395213310282898365.jpg
WhatsApp Image 2026-08-15 at 08.49.52 (1)
WhatsApp Image 2026-08-15 at 08.49.52
img-20260814-wa00183861851202196550809.jpg
32 शिक्षकों का स्कूल…प्रार्थना में 5 उपस्थित… ना डीईओ का डर, ना बीईओ की चिंता…अधिकारी है सेट….देख भई देख!

WhatsApp Image 2026-08-15 at 09.12.23 (1)
WhatsApp Image 2026-08-15 at 09.12.22
WhatsApp Image 2026-08-15 at 09.18.28
WhatsApp Image 2026-08-15 at 09.12.23
WhatsApp Image 2026-08-15 at 09.12.24

खबर खास छत्तीसगढ़ बिलासपुर। सरकार ने युक्तियुक्तकरण कर स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों के हित में शिक्षकों को इधर से उधर करनें जैसा ठोस कदम जरूर उठाया लेकिन यह कदम छात्र हित में कितना कारगर साबित हुआ इसकी बानगी देखने के लिए आपको मस्तूरी विकास खण्ड अंतर्गत संचालित प्राथमिक, मिडिल और हाई स्कूल ओखर लेकर चलते हैं।

WhatsApp Image 2026-08-15 at 09.22.33
WhatsApp Image 2026-08-15 at 09.20.34
WhatsApp Image 2026-08-15 at 09.19.54
WhatsApp Image 2026-08-15 at 09.19.57
WhatsApp Image 2026-08-15 at 09.22.50

WhatsApp Image 2026-08-15 at 10.06.27
WhatsApp Image 2026-08-15 at 11.47.36
WhatsApp Image 2026-08-15 at 11.46.58
WhatsApp Image 2026-08-15 at 09.26.45
WhatsApp Image 2026-08-15 at 11.46.59

ये तस्वीर मस्तूरी विकास खण्ड शिक्षा कार्यालय अंतर्गत प्राथमिक, मिडिल और हायर सेकंडरी स्कूल ओखर की है जहाँ दस बजे सभी बच्चे स्कूल प्रांगण में आकर प्रार्थना के लिए एकत्रित हुए हैं वहीं हर महीने एक निश्चित तिथि पर सरकार से तनख्वाह प्राप्त करने वाले 32 शिक्षकों में से 27 शिक्षक नदारत हैं उन्हें रोकने टोकने वाला कोई है तो वह प्राचार्य है लेकिन इन मनमौजी शिक्षकों के सामने वह भी नतमस्तक नजर आते हैं!

ग्रामीणों की लगातार शिकायत के बाद दिनाँक 21/08/2025 को खबर खास की टीम ठीक 10 बजे ग्राम ओखर पहुँची प्रार्थना में गिनकर 5 जिम्मेदार शिक्षक समय पर स्कूल पहुँचे थे। ग्रामीणों की शिकायत सही थी। यहाँ स्कूल का नजारा कुछ ऐसा था मानों इस सरकारी स्कूल में पदस्थ प्राचार्य का शिक्षकों पर कोई नियंत्रण नहीं, ऐसे में व्याख्याताओं पर अंकुश लगाने CAC और BEO से अपेक्षा करना बेमानी होगा।

ऐसे में बच्चों का भविष्य सँवारने की जिम्मेवारी के साथ जिला और संभाग में नियुक्त जेडी और डीईओ और उनके सहयोगी के रूप में कार्यालय के एयरकंडीशनर केबिन में बैठे संयुक्त संचालक/सहायक संचालकों को अनुकूल वातावरण से निकल कर उन तमाम सरकारी स्कूलों का निरीक्षण करना होगा जहाँ आए दिन शिक्षकों और व्याख्याताओं के बेलगाम होने और छात्रों की पढ़ाई प्रभावित होने की खबर बड़ी प्रमुखता से आती है।

प्राचार्य R.M. darke की माने तो लेट लतीफी का प्रमुख कारण ज्यादातर शिक्षकों का मुख्यालय में निवास नहीं होना है ज्यादातर शिक्षक 40 से 50 किलोमीटर दूर से सफर करते हुए पढ़ाने स्कूल आते हैं ऐसे में विलंब होना कोई बड़ी बात नहीं है।

सुशिक्षित और जागरूक ग्रामीणों की मानें तो जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय और संयुक्त संचालक कार्यालय बिलासपुर से कोई भी जिम्मेदार अधिकारी यहाँ के स्कूलों में निरीक्षण/दौरा करने नहीं आते ऐसे में बच्चों का उज्ज्वल भविष्य की कल्पना करना हवा हवाई सा लगता है। सभी शिक्षक और शिक्षा विभाग के अधिकारी सरकार से पूरी तनख्वाह और तमाम सुविधाओं का भोग करनें के बाद भी अपने पदीय दायित्यों का निर्वहन ईमानदारी से नहीं कर रहे हैं।

बहरहाल बदहाल सरकारी स्कूलों में पालक आज भी इस उम्मीद के साथ अपने बच्चों को शिक्षा ग्रहण करने के लिए भेज रहे हैं कि सरकार उनके बच्चों के भविष्य के लिए युक्तियुक्तकरण जैसी प्रक्रिया अपनाकर शिक्षकों की कमी दूर कर उनके उज्जवल भविष्य गढ़ने प्रतिबद्ध है लेकिन ये शिक्षक अपनी लेट लातीफी से सरकार की क्षवि धूमिल कर रहे हैं वहीं शिक्षा विभाग के उदासीन अधिकारी इतना सब कुछ होने के बाद भी एयरकंडीशनर केबिन से बाहर निकलने तैयार नहीं,देखना होगा कि न्यायधानी के नाम से मशहूर बिलासपुर जिले में संचालित इन स्कूलों में पढ़ने वाले गरीब छात्रों को समय पर शिक्षकों का ज्ञान मिल पाता है या नहीं!

क्रमशः……..

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button