बिलासपुर

बारिश में जन-जीवन अस्तव्यस्त…जलमग्न सड़क,स्विमिंग बना मकान…जनता परेशान,जीते(चुनाव) जनप्रतिनिधियों का, ना फोन उठता, ना समस्या के निराकरण पर देते ध्यान!

खबर खास छत्तीसगढ़ बिलासपुर। हर साल की तरह इस बार भी न्यायधानी बिलासपुर में भारी बारिश, जल भराव और जल निकासी व्यवस्था का बड़ा फेलियर निकल कर सामने आया है, क्या विपक्ष क्या सत्ता पक्ष दोनों जनता की नजर में उठ रहे सवाल का सीधा सीधा जवाब देने सामने नहीं आ रहे हैं।

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(ये विडियो वार्ड क्रमांक 14 की है एक सरकारी स्कूल की शिक्षिका शासन प्रशासन से गुहार लगा रही हैं इनका घर डॉक्टर बलानी नर्सिंग होम से सीधे सीधे ओम जॉन के पहले स्थित है।)

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सफाई व्यवस्था को लेकर भले ही निगम और उसके तनख्वाह खोर अधिकारी अपनी पीठ थपथपा रहे हो और थपथपा भी चाहिए लेकिन निगम की जल निकासी की चरमराई व्यवस्था, आम जनता को मुसीबत में डाल कर शासन और प्रशासन को कटघरे में ला खड़ा किया है। निगम के लापरवाह जिम्मेदार अफसरों की लापरवाही से जहाँ एक ओर सरकार की क्षवि धूमिल हो रही है वहीं जनता का विश्वास भी कमजोर हो रहा है।

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लोभ और लालच में डूबे निगम और राजस्व विभाग के अधिकारियों को कुकरमुत्तों की तरह बन रहे अवैध कालोनियां नजर नहीं आती, जिनकी वजह से बिलासपुर का आधा हिस्सा डूब जाता है लोग कहते हैं कि चांदी की चमक और खनक के आगे अधिकारी महाभारत के धृतराष्ट्र बन जाते हैं जिनकी आंखे जनता की समस्या को देख कर भी अनदेखा कर रही हैं!

कमोबेश निगम के ज्यादातर वार्डों से जल भराव की आ रही तस्वीरें और वीडियो हैरान करने वाली हैं हर साल यही तस्वीरें आती हैं और बरसात के साथ तस्वीरें छोड़ कर चली जाती हैं लेकिन व्यवस्था को दुरुस्त करने करोडों के टेंडर और काम के बाद ठेकेदार से लेकर अधिकारियों के घरों में रुपयों की होने वाली बारिश कई अनसुलझे सवाल जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों सहित शासन प्रशासन की झोली में डाल जाती है!

बहरहाल न्यायधानी का पूरा प्रशासनिक अमला जनता को बारिश से राहत दिलाने जुटा हुआ है लेकिन अभी तो ये सावन का महीना है और कहते हैं अभी पूरा भादों बचा है मतलब बारिश अभी बाकी है! आगे क्या तैयारी है?

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