बिल्हा विकास खण्ड शिक्षा कार्यालय के बाद अब कोटा में फर्जी बिल भुगतान कांड का RTI से हुआ सनसनीखेज खुलासा…? शिक्षा विभाग का गबन पुराण।

खबर खास छत्तीसगढ़ बिलासपुर /बिल्हा विकास खण्ड शिक्षा कार्यालय अंतर्गत संचालित प्राथमिक और मिडिल स्कूलों के बाद अब कोटा विकास खण्ड शिक्षा कार्यालय अंतर्गत आदिवासी बहुल इलाकों में संचालित सरकारी स्कूलों में आरटीआई से मिले दस्तावेज से फिर फर्जी बिल कांड उजागर हुआ है!
एक बिल नंबर से दो-दो बार भुगतान! तुमाडबरा में RTI से उजागर हुआ शासकीय राशि का दुरुपयोग करने का मामला।
बिलासपुर/कोटा। कोटा ब्लॉक में फर्जी बिल से शाला अनुदान राशि डकारने का खेल रुक नहीं रहा। बानाबेल, छतौना, परसापानी के बाद अब बगधरा संकुल के प्राथमिक शाला तुमाडबरा (खोंगसरा) में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है।

RTI से मिले बिलों में प्रधान पाठक पर आरोप है कि कोरे बिल की फोटोकॉपी कर खुद बिल बनाकर पैसा निकाल लिया।

साक्ष्य –
1. बिल नंबर 287 का डबल खेल – नावेल्टी बुक्स पेंड्रा
20 फरवरी 2024 को 905 रू. और फिर उसी 287 नंबर से 9 सितंबर 2024 को 1200 रू. – एक ही दुकान, एक ही बिल, एक ही नंबर, लेकिन दो बार पैसों का भुगतान !

2. बिल नंबर 377 का डबल खेल – सरस्वती पुस्तकालय पेंड्रा
20 अगस्त 2024 को 2500 रू. और 14 अप्रैल 2024 को फिर उसी 377 नंबर से 2500 रू. – सामान तक एक जैसा – चाटी सेट, A4 पेपर, बोर्ड!
3. खाने-पीने के बिल में भी झोल –
राहुल रेस्टोरेंट का बिल नंबर 278 – एक बार समोसा-जलेबी 2683 रू., फिर उसी 278 नंबर से 1420 रू. – बिल में मात्रा-दर तक नहीं लिखी!
4. बिना नंबर के ही बिल पास –
राधे आर्ट प्रिंटर्स का 3655 रू. का बिल और जय हार्डवेयर का 3000 रू. का बिल – दोनों में बिल नंबर ही गायब!
BEO क्या बोले – विकास खण्ड शिक्षा कार्यालय कोटा के विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी गोपाल दुबे का मीडिया से कहना है कि “मामले की जानकारी मिली है, देखवाता हूँ।”
BRC क्या बोले- ब्लाक रिसोर्स सेंटर कोटा में पदस्थ प्रमोद शुक्ला को फोन लगाया गया लेकिन उनका फोन कवरेज क्षेत्र से बाहर बता रहा था।
सवाल ये है कि जब RTI की सत्यपित वाला सील-मुहर लगे दस्तावेज ही चीख-चीख कर फर्जीवाड़ा का भंडाफोड़ कर रहे हैं, तो शिक्षा विभाग में बैठे जिम्मेदार तनख्वाह खोर अधिकारी कार्रवाई कब करेंगे ?
सुधि पाठक जान लें कि समग्र शिक्षा के जिला में प्रमुख कलेक्टर बिलासपुर हैं और समग्र शिक्षा के नाम पर जारी राशि खर्च करने के लिए कड़े नियम बनाए गए हैं बावजूद नियमों की अनदेखी कर शासकीय राशि का दुरुपयोग किया जा रहा है ऐसे में कलेक्टर बिलासपुर को कठोर कदम उठाते हुए निष्पक्ष जांच का आदेश देना चाहिए ताकि भविष्य में कोई भी प्रधान पाठक,प्राचार्य, CAC, BRC, URC,BEO और DEO शासकीय राशि का दुरुपयोग ना करें बहरहाल देखना होगा कि प्रधान पाठक के विषय में कलेक्टर बिलासपुर क्या कुछ कदम उठाते हैं?





