CM HELPLINE 1076 भी फेल! 3 दिन में निपटाने वाली शिकायत 13 दिन से लटकी, BEO बिल्हा ने शहरी स्रोत समन्वयक वासुदेव पाण्डेय को थमाया कारण बताओ नोटिस – कलेक्टर तक पहुंची फाइल।

CM HELPLINE 1076 भी फेल! 3 दिन में निपटाने वाली शिकायत 13 दिन से लटकी, BEO बिल्हा ने शहरी स्रोत समन्वयक वासुदेव पाण्डेय को थमाया कारण बताओ नोटिस – कलेक्टर तक पहुंची फाइल
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बिलासपुर में CM हेल्पलाइन की अनदेखी! टोकन नंबर CC 260900213122 पर 13 दिन से कोई जवाब नहीं, BEO ने लिखा – “कार्य के प्रति उदासीनता प्रतीत होती है”
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बिल्हा BEO सख्त – CM हेल्पलाइन शिकायत दबाने पर शहरी समन्वयक को नोटिस, प्रतिलिपि कलेक्टर, JD और DEO को
खबर खास छत्तीसगढ़ बिलासपुर / बिल्हा। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 पर की गई शिकायतों को हल्के में लेना अब अधिकारियों को भारी पड़ रहा है। ताजा मामला विकासखंड बिल्हा का है, जहां CM हेल्पलाइन की एक शिकायत पर 13 दिन तक कोई कार्रवाई नहीं करने पर विकास खंड शिक्षा अधिकारी, बिल्हा ने अपने ही शहरी स्रोत समन्वयक को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है।
क्या है पूरा मामला – सरकारी चिट्ठी से –
कार्यालय विकास खंड शिक्षा अधिकारी बिल्हा के पत्र क्रमांक 2839 / CM HELPLINE / शिकायत / 2026-27, दिनांक 13/10/2026 के अनुसार –
- शिकायतकर्ता ने CM HELPLINE 1076 पर टोकन नंबर CC 260900213122 दिनांक 30.09.2026 को शिकायत दर्ज कराई थी।
- नियमानुसार संबंधित अधिकारी वासुदेव पाण्डेय, विकासखंड शहरी स्रोत समन्वयक, बिल्हा को 03 दिवस में निराकृत करने को कहा गया था।
- आज दिनांक 13.10.2026 तक उनके द्वारा कोई प्रतिवेदन नहीं दिया गया, न ही शिकायत का निराकरण किया गया।
BEO ने अपने नोटिस में सख्त टिप्पणी लिखी है –
“किन्तु CM HELPLINE में लगे शिकायत को गंभीरता पूर्वक न लेते हुए यह कृत्य कार्य के प्रति उदासीनता प्रतीत होती है। अतः उक्त स्पष्टीकरण के संबंध में जवाब तत्काल प्रस्तुत करें।”
नोटिस की प्रतिलिपि कहाँ-कहाँ गई –
इस मामले की गंभीरता इसी से समझी जा सकती है कि BEO ने इस कारण बताओ नोटिस की प्रतिलिपि –
- कलेक्टर महोदय, जिला बिलासपुर को
- संयुक्त संचालक लोक शिक्षण संभाग बिलासपुर को
- जिला शिक्षा अधिकारी बिलासपुर को सादर सूचनार्थ प्रेषित की है।
सूत्रों का कहना है कि CM हेल्पलाइन की शिकायतें सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय से मॉनिटर होती हैं और 3 दिन में निराकरण न करने पर संबंधित अधिकारी पर कार्रवाई का प्रावधान है। अब देखना होगा कि शहरी समन्वयक वासुदेव पाण्डेय इस नोटिस का क्या जवाब देते हैं।





