काम के प्रति ईमानदार “DEO” के लिए नाम तो बहुत हैं बस योग्यता की तलाश जारी है। पढ़िए “व्यंग” और लगाइए अनुमान की कौन होगा अगला मेहमान!

खबर खास छत्तीसगढ़ बिलासपुर। “DEO की दौड़” खबर लिखते ही मुझे शिक्षा जगत से जुड़े अधिकांश शिक्षाविद और अन्य बुद्धिजीवियों के संदेश बड़ी संख्या में आने शुरू हो गए, किसी नें लिखा मैंने सुना है कि तिफरा के कोई प्राचार्य हैं जिनका कश्यप सरनेम हैं वो दौड़ में शामिल हैं, फिर एक नें दावे के साथ कहा कि गर्ल्स हाई स्कूल की प्राचार्य तिवारी मेडम का पक्का हो गया है लेकिन कुछ कह नहीं सकता,एक सज्जन पुरुष ताल ठोक कर बोले कि भैया को जीपीएम
जाने आने में बहुत ज्यादा परेशानी हो रही है शिक्षा विभाग की तरह सड़क भी बदहाल और वो योग्य भी है इसलिए उनका वजन भी है और पहुँच भी, इससे पहले की यहाँ खबर पर पूर्णविराम लगाया जाता कि एक सज्जन पुरुष जो बहुत ही देर से चुपचाप बैठे थे उन्होंने फटाक से कहा कि एक प्राचार्य है जिनका नाम जितेंद्र है,उनका जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में बहुत आना जाना है,फिर सन्नाटा पसर गया सब मौन!फिर एक नें विधायक के लाडले किसी पांडे…के नाम की माला जपना शुरू कर दिया तभी जोरदार ठहाके के साथ सब नें चुप्पी साध ली तभी एक नें कहा कि जब छह महीने वाले को बनाया जा सकता है तो “पांडे जी” तो विधायक के नाम की माला भगवान के नाम से ज्यादा जपते है पांडे जी की ओर से उसने कहा कि एक कहावत भी है कि “पोथी पढ़ पढ़ जग मुआ,DEO भया ना कोई…ढाई आखर विधायक का,पढ़े सो DEO होय।”
फिर एक जबरदस्त टीप मिली तगड़ी वाली जैसे पुलिस वालों को मिलती है, हमें भी मिली कि जिला शिक्षा अधिकारी बनने की दौड़ होड़ में ये सब लोग शामिल तो हैं ही दो और हैं जिन्होंने DEO की योग्यता वाली दौड़ प्रतियोगिता आरंभ किया रेफरी की तरह सीटी बजाई और अब वह भी इस दौड़ में शामिल हो गए हैं। अब शासन उनको तवज्जो दे, नहीं दे ये उनकी सोच।
फिलहाल तो ऐसा कयास लगाए जा रहे हैं कि योग्य जिला शिक्षा अधिकारी की तलाश जब तक पूरी नहीं हो जाती तब तक जिला शिक्षा अधिकारी का प्रभार व्याख्याता कम प्रभारी सहायक उप संचालक … अघोषित रूप से देखंगे। मतलब समझ रहे हैं ना आप लोग!
दूसरी ओर शिक्षा जगत के अनुभवी एक विद्वान ज्योतिषी नें किसी भारद्वाज सरनेम से जिला शिक्षा अधिकारी बनने का इशारा किया है जिनका संबंध मस्तूरी,जांजगीर और बिलासपुर से होगा, रिटायरमेंट को ज्यादा समय नहीं बचा होगा और बहुत बड़ी खूबी बतलाई की है कि वह अपने सहयोगियों के बिना परामर्श कोई काम,कोई निर्णय, कोई फैसला नहीं करते!
फिलहाल जब तक पूरे नाम,पद, के साथ शासन द्वारा आदेश जारी नहीं किया जाता है तब तक विचारों को विराम ना दें कयासों का दौर जारी रखें उम्मीद के सागर में उम्मीदवारों का अनुमानी गोता लगाते रहें उम्मीद का दामन थामें रहें शीघ्र ही इंतजार की घड़ियां समाप्त होने वाली है!





