बेलगहना में शरदोत्सव की धूम: सिद्ध बाबा आश्रम में शास्त्रीय संगीत का आयोजन, लक्ष्मी नारायण मंदिर में दमा रोगियों को मिलेगी औषधीय खीर।

- 50 हजार श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ेगा: 25 अक्टूबर को बेलगहना में शरद पूर्णिमा का भव्य पर्व
- पहाड़ी पर भजन, बस्ती में दवा वाली खीर: बेलगहना में शरदोत्सव की तैयारियां जोरों पर
खबर खास छत्तीसगढ़ बिलासपुर/बेलगहना, 24 अक्टूबर। शरद पूर्णिमा का पर्व हर साल की तरह इस बार भी बेलगहना में बड़ी धूमधाम से मनाया जाएगा। बेलगहना रेलवे स्टेशन के ठीक पीछे पहाड़ी पर स्थित सिद्ध तपोभूमि श्री सिद्ध बाबा आश्रम और बेलगहना बस्ती स्थित श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर में 25 अक्टूबर को शरदोत्सव का भव्य आयोजन किया गया है।

आयोजकों के अनुसार इस अवसर पर दूर-दूर से भक्तों और श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने की उम्मीद है। उल्लेखनीय है कि शरद पूर्णिमा पर यहां हर साल रात्रि कालीन मेला भरता है और 50,000 से भी अधिक श्रद्धालु दर्शन और प्रसाद के लिए पहुंचते हैं।
सिद्ध बाबा आश्रम में संगीत की प्रस्तुति
सिद्ध बाबा आश्रम में परंपरा अनुसार इस बार भी शास्त्रीय संगीत की प्रस्तुति होगी। इसमें क्षेत्रीय कलाकारों के साथ-साथ देश के विभिन्न हिस्सों से आए कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। कार्यक्रम के बाद रात्रि 12 बजे के बाद पूर्णिमा के चाँद से बरसता अमृत के नीचे रखा खीर का प्रसाद वितरित किया जाएगा।

लक्ष्मी नारायण मंदिर में दमा रोगियों को बटेगी दवा वाली खीर
वहीं, मुख्य बस्ती स्थित श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर में भी शरदोत्सव बड़े श्रद्धा भाव के साथ बड़ी धूमधाम से मनाया जाएगा। यहां की सबसे बड़ी खासियत है दमा रोगियों के लिए विशेष व्यवस्था।
मंदिर समिति के अनुसार रात्रि 12 बजे के बाद दमा रोगियों को औषधीय खीर प्रदान की जाएगी। इसके लिए आयोजन समिति ने इस बार मात्र ₹20 का शुल्क निर्धारित किया है। हर साल सैकड़ों दमा पीड़ित इस खीर को लेने के लिए बहुत बड़ी संख्या में आते हैं और उन्हें दमा से काफी राहत मिलने की बात कही जाती है।

शरद पूर्णिमा पर मुख्य चौराहे पर लगेगा विशाल भंडारा
शरद पूर्णिमा के पावन अवसर पर ग्राम बेलगहना में विभिन्न आयोजनों के अलावा मुख्य चौराहे पर विशाल भंडारा का आयोजन रखा गया है। यह आयोजन श्री मनीष अग्रवाल मंटू एवं श्री ललित अग्रवाल चिंटू तथा उनके सहयोगियों के सौजन्य से रखा गया है।
उल्लेखनीय है कि अग्रवाल बंधुओ द्वारा प्रतिवर्ष शरद पूर्णिमा के अवसर पर यहां मुख्य चौराहे पर भंडारे का आयोजन रखा जाता है जिसमें आगंतुकजन भोजन प्रसाद ग्रहण करते हैं।
मेले जैसा माहौल
शरद पूर्णिमा के इस अवसर पर दोनों स्थानों पर रौनक देखते ही बनती है। रात भर भजन-कीर्तन, प्रसाद वितरण और मेले का आनंद श्रद्धालु लेते हैं। प्रशासन और आयोजन समिति ने भीड़ को देखते हुए सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम करने की बात कही है।





