दफ्तर से काली कार में साहेब संग, चार सवार…दिन शुक्रवार …मछली पार्टी के नाम पर हुआ मौसम गुलज़ार। (एक व्यंग✍️)

खबर खास छत्तीसगढ़ बिलासपुर। (एक व्यंग ✍️)हाल ही में एक विकासखंड कार्यालय से एक मौखिक आदेश पर कुछ शिक्षकों को फटकार लगाई गई थी फटकार लगाते ही संकुल केंद्र के CAC नें अपने संकुल अंतर्गत शिक्षकों को बचाने की आड़ में पहले तो कार्यवाही का डर दिखाया और फिर बचा लेने का भरोसा दिलाया फिर जमकर उगाही हुई और फिर उसी धमकी चमकी से निकाली गई रकम से, साहेब और CAC लोगों के बीच मछली पार्टी करनें की जानकारी निकल कर सामने आ रही है।(जन्मदिन किसी खास का दीपक जले या बुझे मछली पार्टी तो हो गई।)

अच्छेलाल शिक्षा विभाग के विभागीय मुखबिर हैं जैसे पुलिस के होते हैं। वो दिनभर की महत्वपूर्ण दिनचर्या बतलाते रहते हैं कि विकास खंड शिक्षा कार्यालय में 2- 4 CAC प्रतिदिन किसी ना किसी काम से उपस्थित रहते हैं लेकिन एक CAC हर दिन टाइम बेटाइम उपस्थित रहता है जो सभी शिक्षक सम्बंधित काम करने का दावा करता है और किसी पत्रकार का करीबी होने का भी दावा करता है। यही CAC इन दिनों शिक्षा विभाग के विकास खण्ड कार्यालय में काम कराने के एवज में जमकर उगाही का खेल खेलकर सुर्खियां बटोर रहा है।

अच्छेलाल और उनके विभागीय सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय से जुड़े अधिकारी कर्मचारी, कई CAC मिलकर शिक्षकों और कर्मचारियों से अधिकारी के नाम पर काम कराने के एवज में मोटी रकम वसूल रहे हैं।
क्या है पूरा मामला?
अच्छेलाल एवं विभागीय सूत्र बताते हैं कि –
- कोई भी काम जैसे संतान पालन अवकाश, मातृत्व अवकाश,मेडिकल बिल,ट्रांसफर,अटैचमेंट, वेतन बिल,एरियर्स,पेंशन,छुट्टी सस्पेंड, बहाल आदि काम के नाम पर अधिकारी को खुश करना होता है कहकर 5,000 से 20,000 तक वसूली की जा रही है।
- अधिकारी की धृतराष्ट्रीय कुटिल मौन सहमति अर्थात “शह” पर सभी काम कराया जा रहा है मजे की बात यह है कि CAC और दलाल शिक्षकों का एक बड़ा संगठित गिरोह अधिकारी को इम्प्रेस करने के लिए तरह के फंडे और हथकंडे अपना रहे हैं।
- अच्छेलाल और विभागीय सूत्रों के हवाले से खबर आई कि एक संकुल क्षेत्र के कुछ शिक्षकों को नोटिस जारी किया गया था,शिक्षक डरे सहमे थे, उनकी परेड ली गई और फिर साहब का चहेता (छेड़ू)CAC उन्हें बचाने के एवज में चन्दाख़ोरी कर साहेब लोगों को हाल फिलहाल में मछली पार्टी दे बैठा।(एक बार कलेक्टर से भी शिक्षक के द्वारा लिखित शिकायत हुई थी।)
- मुखबिर अच्छेलाल की मानें तो भव्य मछली पार्टी का पूरा खर्च शिक्षक उगाही फंड से CAC द्वारा ही किया गया था। सभी जिम्मेदार काली कार में बैठकर ही आयोजन स्थल पर गए थे।
अच्छेलाल बतलाते हैं कि जब खबर खास की टीम मछली पार्टी की पड़ताल कर रही थी तो सम्बंधित शिक्षक इतने दहशत में थे कि, खुलकर बोलने को तैयार नहीं थे फिर भी एक नें नाम नहीं छापने की शर्त पर एक वीडियो और फोटोग्राफ उपलब्ध कराया है। अच्छेलाल मुखबिर के पास इस संबंध में ऑडियो /वीडियो साक्ष्य के रुप में सुरक्षित है।

तीसरी आँख….अंत में…. हमनें देखा कि दिन शुक्रवार को दफ्तर से एक काली कार में दोपहर को साहब के साथ कुछ लोग सवार होकर निकले, विषय था मछली पार्टी का आयोजन… साहब को इम्प्रेस करनें अनोखा तरीका साहब खुश तो सब खुश किसी तरीके से काम हो। साहब तो खुश हो गए लेकिन …….आगे वो काली कार किसकी थी?क्या….?





