“शिक्षकों की VSK App वाली दिक्कत पहुंची मंत्रालय, कैशलेस इलाज के लिए 100 करोड़ का प्रावधान”

“VSK App से उपस्थिति पर तकनीकी दिक्कत, संघ की मांग पर सचिव ने दिया आश्वासन – वेतन नहीं रुकेगा”
“ऑनलाइन हाजिरी में दिक्कत तो वेतन नहीं रुकेगा: शिक्षा सचिव का आश्वासन, कैशलेस स्वास्थ्य पर भी हुई बैठक”
“शिक्षकों की VSK App वाली दिक्कत पहुंची मंत्रालय, कैशलेस इलाज के लिए 100 करोड़ का प्रावधान”
खबर खास छत्तीसगढ़ बिलासपुर। 29 जुलाई 2026
प्रदेश के शासकीय विद्यालयों और कार्यालयों में VSK App के माध्यम से ऑनलाइन उपस्थिति लागू करने को लेकर शिक्षकीय एवं गैर शिक्षकीय कर्मचारियों को आ रही तकनीकी कठिनाइयों का मामला अब मंत्रालय स्तर तक पहुंच गया है।

इस संबंध में छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष पवन कुमार शर्मा एवं प्रदेश महामंत्री संतोष कुमार वर्मा ने मंगलवार को शिक्षा सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह से मुलाकात कर संघ की मांगें रखीं।

संघ ने सचिव को बताया कि लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा 27 जुलाई 2026 को जारी निर्देश के अनुसार सभी कर्मचारियों की उपस्थिति VSK App से दर्ज की जानी है। लेकिन नेटवर्क, सर्वर और एप में आ रही तकनीकी समस्याओं के कारण हाजिरी दर्ज करने में दिक्कत आ रही है।
संघ की प्रमुख मांगें:
- ऑनलाइन उपस्थिति की तकनीकी समस्याओं का पहले स्थायी समाधान किया जाए
- केवल तकनीकी त्रुटि के आधार पर किसी शिक्षक/कर्मचारी का वेतन न रोका जाए
- विसंगति की स्थिति में संस्था प्रमुख और संबंधित अधिकारियों से सत्यापन कराया जाए
- VSK App के स्थान पर आधार बेस्ड बायोमेट्रिक सिस्टम संस्थानों में लगाए जाएं
- शिक्षकों के हितों के विरुद्ध जारी निर्देश पर पुनर्विचार किया जाए
संघ की मांगों पर शिक्षा सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने आश्वस्त किया कि जिन क्षेत्रों में कनेक्टिविटी की समस्या है, वहां सुधार होने तक पूर्व की भांति वेतन आहरण होता रहेगा। उन्होंने बताया कि सोमवार को हुई VC में भी इसके निर्देश दिए जा चुके हैं। सचिव ने संघ के अनुरोध पर इस आशय का लिखित निर्देश भी प्रसारित करने का आश्वासन दिया।
कैशलेस चिकित्सा पर भी हुई चर्चा
वहीं दूसरी ओर छत्तीसगढ़ के समस्त कर्मचारियों-अधिकारियों के लिए विधानसभा में वित्त मंत्री द्वारा घोषित कैशलेस चिकित्सा योजना की कार्ययोजना पर भी चर्चा हुई।
सचिव लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण अमित कटारिया की अध्यक्षता में 29/07/2026 को मंत्रालय कक्ष क्रमांक S-2/12 में मान्यता प्राप्त संघों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रदेश अध्यक्ष पवन कुमार शर्मा और महामंत्री संतोष कुमार वर्मा भी शामिल हुए।
बैठक में बताया गया कि कैशलेस योजना पूरी तरह कैशलेस होगी और व्यय की कोई अधिकतम सीमा निर्धारित नहीं है। लाभार्थी और सेवा प्रदाता अस्पताल शिकायत के लिए फ्री कॉल सेंटर/पोर्टल का उपयोग कर सकेंगे। कैशलेस व्यवस्था के लिए पृथक सेल का गठन किया जाएगा।
वर्तमान में 8 मार्च 2025 के अनुसार राज्य में 134 और अन्य राज्यों में 64 निजी चिकित्सालयों को मान्यता दी गई है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के मुख्य बजट में कैशलेस चिकित्सा हेतु 100 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है।





