बिलासपुर

“यो-एक्सचेंज” नें सैकड़ों निवेशकों से कि करोड़ों की ठगी,,,एसपी के निर्देश पर थाने में अपराध दर्ज।

“यो-एक्सचेंज” ने विदेश यात्रा और रोज़ाना मुनाफ़े का सपना दिखा सैकड़ों निवेशकों से कि करोड़ों की ठगी,एसपी के निर्देश पर थाने में अपराध दर्ज।

खबर खास छत्तीसगढ़ बिलासपुर। बुधवार को बिलासपुर प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में पीड़ित निवेशक मनीराम पटेल ने बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि एक कथित क्रिप्टो प्लेटफॉर्म “यो-एक्सचेंज” ने सैकड़ों लोगों को विदेश यात्रा, डिजिटल मुद्रा में प्रतिदिन 1% लाभ और निवेश वापसी के झूठे वादे कर ठग लिया है। अब कंपनी के सभी प्रमोटर फरार हैं और वेबसाइट भी बंद कर दी गई है।

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पटेल ने बताया कि इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत सोशल मीडिया से हुई, जब कोलकाता के एक युवक “तापन” के माध्यम से रांची के शुभम सिंह से संपर्क हुआ। शुभ सिंह ने “यो-एक्सचेंज” नामक क्रिप्टो प्रोजेक्ट की जानकारी दी, जिसे पूरी तरह से डिसेंट्रलाइज्ड और विश्वसनीय बताया गया। शुभ सिंह से हुई बातचीत के बाद पटेल, रवि साहू और अक्षय टेकाम रांची पहुंचे, जहाँ उनकी मुलाकात शुभ और आकाश बर्मन से हुई। वहां उन्हें बताया गया कि “यो-एक्सचेंज” एक क्रिप्टो एक्सचेंज है, जो विगत ढाई वर्षों से कार्यरत है और इसका ऑडिट विश्वविख्यात ब्लॉकचेन ऑडिटर कंपनी “हैकन” ने किया है, जो बायनेंस जैसी बड़ी कंपनियों का भी ऑडिट कर चुकी है।

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प्रत्येक निवेशक को USDT डिजिटल करेंसी में निवेश कर प्रतिदिन 1% का लाभ मिलने का वादा किया गया, साथ ही 1500 डॉलर के निवेश पर मलेशिया यात्रा का मौका और प्रोजेक्ट की गहराई से जानकारी देने की बात कही गई।

इस योजना से प्रभावित होकर पटेल समेत अन्य लोग जुड़ते गए। बताया गया कि कोरबा, रायपुर, बिलासपुर, भिलाई से लेकर चंडीगढ़ तक सैकड़ों लोग इस योजना में शामिल हो चुके हैं। लगातार ज़ूम मीटिंग्स, विभिन्न शहरों में प्रोजेक्ट मीटिंग्स और भरोसेमंद माहौल बनाकर लोगों का विश्वास जीता गया।

1 अगस्त 2025 को मलेशिया में एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें करीब 1100 लोग शामिल हुए। वहां नए ऑफर के तहत दुबई और थाईलैंड यात्रा की बात भी सामने रखी गई। इस कार्यक्रम के बाद निवेशकों की संख्या में तेज़ी से इज़ाफा हुआ।

लेकिन कुछ ही हफ्तों बाद अचानक कंपनी ने सॉफ्टवेयर हैक होने और तकनीकी खराबी का हवाला देते हुए लाभ देना बंद कर दिया। वेबसाइट को भी बंद कर दिया गया और कंपनी से जुड़े सभी प्रमोटरों ने अपने मोबाइल नंबर बंद कर लिए। अब तक के संकेतों से यह स्पष्ट हो रहा है कि ये सभी प्रमोटर ही इस ठगी के मुख्य साजिशकर्ता हो सकते हैं।

मनीराम पटेल ने बताया कि इस धोखाधड़ी की शिकायत तारबाहर थाना में दर्ज कराई गई है। उन्होंने प्रशासन से इस मामले में सख्त कार्रवाई करने की मांग की है, जिससे दोषियों को कड़ी सज़ा मिल सके और अन्य भोले-भाले निवेशकों को न्याय मिल सके।

तारबाहर थाने में एफआईआर

पटेल ने बताया कि मामले की शिकायत को एसएसपी रजनेश सिंह ने गंभीरता से लिया है। उनके निर्देश पर तारबाहर थाने में रांची निवासी जफर इमाम, गंगाधर कुमार, दिलेश्वर मुंडा, शादाब अंसारी, आकाश कुमार और शुभ सिंह के खिलाफ 318 (4), 3(5) के तहत अपराध दर्ज किया गया है।

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