योग्य जिला शिक्षा अधिकारी की तलाश में जुटा पूरा महकमा…राजधानी हुई गुलज़ार! सबको है योग्य जिला शिक्षा अधिकारी का इंतजार?

खबर खास छत्तीसगढ़ बिलासपुर। देश का भविष्य गढ़ने वाले शिक्षकों का दफ्तर और कारखाने के लिए बीते 5 दिनों से योग्य जिला शिक्षा अधिकारी की तलाश जारी है, सरकारी स्कूलों में शाला प्रवेश उत्सव भी पूरी तरह नहीं मनाया गया है, दफ्तर को नए और योग्य जिला शिक्षा अधिकारी का इंतजार है लेकिन बिलासपुर का दुर्भाग्य कहें कि अब तक योग्य जिला शिक्षा अधिकारी की तलाश पूरी नहीं हुई है! भले ही अटैचमेंट कागजों में एक बार फिर खत्म किया जा रहा है?

ज्ञानी बाबा कहते हैं कि समय पर या वक्त से पहले यह चुनाव हो जाना चाहिए था क्योंकि केक कटेगा तभी तो सभी में बटेगा! अटैचमेंट को सेटलमेंट की तर्ज पर समाप्त किया जा रहा है! जश्न मनाने की मनाही है। आज 6 वां दिन है बिना योग्य DEO के चल रहा शिक्षा विभाग।

DEO के लिए योग्यता का मैराथन संघर्ष न्यायधानी से होकर राजधानी तक जारी है संगठन के लोग बंगले में डटे हुए हैं अधिकारी योग्यता का सर्टिफिकेट लेकर दौड़ पड़े हैं उनकी बोली लगाई जा रही है लेकिन योग्यता की नुमाइश में भी गोपनीयता बरती जा रही है! फोन पर बेहतर सम्पर्क के अभाव और प्रभाव में योग्यता की तलाश जारी है। मतलब साफ है कि दौड़ DEO पद की है पर जीत तगड़े सम्पर्क और योग्यता की बोली से तय होगी।

तलाश योग्यता की है बुद्धिजीवियों से ज्यादा योग्यता का वजन, वजूद और मजबूती देखा जा रहा है देर से ही सही योग्यता से समझौता नहीं किया जाएगा चाहे जो हो जाए, इस बार तो अयोग्य को कुर्सी पर नहीं बिठाया जाएगा बहुत हो गई किरकिरी! फिर भी तराजू का एक पलड़ा भारी नजर आता है पता नहीं अब किसकी बारी है।

शिक्षा जगत में योग्यता कब सरस्वती को छोड़ लक्ष्मी की पुजारी हो गई,पता ही नहीं चला,उलट लामबंदी अब फैशन और फैसला कर रहा है! बुद्धिजीवी वर्ग कहता है कि शिक्षा विभाग को यूँ ही काजल की कोठरी नहीं कहा जाता इस विभाग में ऊपर से नीचे तक आँखों वाले धृतराष्ट्र बैठे हैं बस उन्हें संजय की तलाश होती है।

अंत में बस इतना कि, बेमिसाल चुनने की जद्दोजहद में नए जिला शिक्षा अधिकारी की तलाश कब तक होगी पूरी, यह कहना संभव हमारे लिए नहीं, एड़ी चोटी का प्रयास जारी है,पता नहीं श्री किस योग्य की ताजपोशी पर मुहर लगा कर जिला शिक्षा अधिकारी बना कर न्यायधानी भेज दें।






